श्रीगंगानगर. पड़ोसी राज्यों पंजाब व हरियाणा में अतिवृष्टि से बनी बाढ़ की स्थिति में फसलें पानी में डूबने से बरबाद हो रही है, वहीं श्रीगंगानगर जिले में कई इलाके ऐसे हैं जहां बारिश और नहरी पानी के अभाव में फसलें गर्मी व उमस से झुलस कर दम तोड़ रही हैं। मजबूरी में किसान अकेले ट्यूबवैल के पानी से फसलों में सिंचाई कर फसलों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।
पंजाब में इस समय सतलुज और व्यास नदियां हिमाचल में हुई भारी बारिश के कारण उफान पर हैं। पंजाब के कई शहरों में भी बारिश हुई है, जिससे वहां बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। बारिश का पानी खेतों में भरने से फसलें बरबाद हो रही है। कमोबेश यही स्थिति हरियाणा के घग्घर बहाव क्षेत्र में है। हिमाचल के अलावा अंबाला, पटियाला और पंचकूला सहित कई शहरों का पानी घग्घर में आने से नदी के तट बंध टूट गए हैं और पानी खेतों में भर गया है। हरियाणा के कई जिलों में घग्घर के पानी ने फसलों में तबाही मचाई है। बारिश का दौर जारी रहने पर पंजाब व हरियाणा में सबसे ज्यादा नुकसान फसलों का होगा।श्रीगंगानगर जिले की सूरतगढ़, श्रीबिजयनगर, रायसिंहनगर, अनूपगढ़, सादुलशहर, घड़साना और श्रीगंगानगर तहसीलों में कुछ इलाके ऐसे हैं, जहां मानसून अभी तक मेहरबान नहीं हुआ। जहां दस-पंद्रह दिन पहले बारिश हुई थी, वहां नरमा, मूंग, ग्वार, बाजरा और मूंगफली की फसल अत्यधिक तापमान और उमस की वजह से मुर्झाने लगी है। बाढ़ के कारण पंजाब सिंचाई विभाग ने फिरोजपुर फीडर और राजस्थान फीडर में पानी का प्रवाह रोक दिया है। इससे किसान नहरी पानी से सिंचाई कर फसलों को बचाने से वंचित हो गए हैं।
जैतसर इलाके में बारिश नहीं होने और नहरें बंद होने के कारण किसान ट्यूबवैल के पानी से सिंचाई कर रहे हैं। किसान घग्घर में पानी ओ का इंतजार बेसब्री से कर रहे हैं। बीरमाना क्षेत्र में महीने भर पहले हुई बारिश के बाद किसानों ने नरमा, ग्वार और बाजरा की बिजाई की थी। अब पानी की कमी से फसलें दम तोड़ने लगी है। श्रीगंगानगर के ग्रामीण इलाकों में भी कमोबश यही स्थिति है। बरसात नहीं होने से सिद्धूवाला इलाके में बारानी फसलें दम तोड़ रही है, वहीं नहरें बंद होने से सिंचित क्षेत्र में भी फसलों के हाल बेहाल हैं। अनूपगढ़ और रामसिंहपुर क्षेत्र में भी किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं।