राजकीय जिला चिकित्सालय में शुक्रवार को ओपीडी के कमरे खाली रहे। दंत रोग विभाग, चर्म रोग विभाग, सर्जिकल विभाग, नेत्ररोग विभाग, ईएनटी की ओपीडी सहित विभिन्न विभागों का आलम यही रहा। यदि काउंटर का आंकड़ा देखें तो 834 रोगी चिकित्सालय पहुंचे, लेकिन इन रोगियों में से अधिकांश को उपचार नहीं मिल पाया। रोगी प्राय: एक से दूसरे वार्ड में चक्कर काटते और डॉक्टरों के बारे में पूछते नजर आए। आपातकालीन व्यवस्था में जरूर डॉक्टर की व्यवस्था रही जिससे रोगियों की परेशानी कुछ कम हुई।