
श्रीगंगानगर में पॉपुलर की खेती अब बनेगी वरदान
श्रीगंगानगर। पॉपुलर की खेती किसानों के लिए वरदान साबित होने की उम्मीद है। सिंचाई पानी से लबालब इस इलाके में अब किसानों ने पॉपुलर की खेती पर फोकस किया है। जिला मुख्यालय से सटे चक 4 ई छोटी इलाके में पहली बार चार किसानों ने अपने खेतों में गेहूं की फसल के साथ साथ पॉपुलर की पेड़ लगाकर जिले में पहली बार इस खेती का आगाज किया है।
अब तक दूर दराज इलाके में पॉपुलर की पेड़ों को देखने के लिए लोग जाते थे। लेकिन अब जिला मुख्यालय से सटे खेतों में पॉपुलर अब अधिक पॉपुलर यानि लोकप्रिय होने लगा है। इस फसल की एक पौधे की औसतन कीमत लगभग एक हज़ार रुपए है। कृषि वैज्ञानिकों की माने तो एक एकड़ में 400 से अधिक पौधे लगाकर किसान लगभग चार लाख रुपए की आमदन 4-5 साल में हासिल कर सकते है।
इसके साथ साथ पॉपुलर के पेड़ों के बीच में होने वाली गेहू, गन्ना और अन्य सब्जियां उगाकर खेती की अलग कमाई हैं। ऐसे में किसानों ने अपने खेतों में गेहूं की फसल में पॉपुलर पेड़ों को लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
कृषि विशेषज्ञों की माने तो जमीन से दोहरा लाभ लेने के लिए ये एक उपयोगी तकनीक है। एक एकड़ में 440 पॉपुलर के पोधे लगते हैं। चार से पांच साल में पौधे तैयार हो जाते हैं, जिससे किसानों को कम समय में ही मोटी कमाई हो जाती है.
किसानों का कहना है कि श्रीगंगानगर जिले में 98 प्रतिशत भूमि नहरी क्षेत्र के पानी से लबालब है। ऐसे में पॉपुलर पेड़ों को लगाने में अधिक पानी क्षेत्र की जरुरत रहती है। यह इलाका पॉपुलर की खेती को बढ़ावा दे सकता हैै। चक 4 ई छोटी, नाथांवाला गांव क्षेत्र में गेहूं की फसलों में अब पॉपुलर की पेड़ लहराते हुए दिखाई देने लगे है।
हालांकि राज्य सरकार ने इस खेती पर अभी बढ़ावा नहीं दिया है। लेकिन बदलते परिवेश में किसानों को गेहूं और सब्जियों के साथ साथ इस पॉपुलर की खेती से दोहरे लाभ लेने का आइडिया अब कारगर साबित होने वाला है।
कृषि मामलों में एक्सपर्ट कहे जाने वाले सुभाष सहगल का दावा है कि पेस्टीसाइड से पिछले चार दशक से इलाके में नरमा और कपास की खेती अब खत्म हो रही है, ऐसे में पॉपुलर की लोकप्रियता किसानों का जीवन स्तर पर बदलाव लाने का प्रयास करेगी।
Published on:
07 Jan 2019 01:05 pm
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