
श्रीगंगानगर.
सरकारी धन का दुरुपयोग करना है तो नगर परिषद से सीखिए। बजट राशि एक दो रुपए नहीं बल्कि ढाई करोड़ रुपए की हो तो फिर कहना ही क्या। मोटा बजट खर्च करने का आदेश मिला तो पार्षदों और ठेकेदारों की बांछे खिल उठी हैं। परिषद प्रशासन ने भी टेण्डर करने में देर नहीं की। यह भी नहीं देखा कि जिस जगह निर्माण कराया जाएगा, वहां पहले से ऐसा निर्माण हो चुका है या नहीं?
दरअसल, मुख्यमंत्री के राज्य के बजट में स्थानीय निकायों में शौचालय बनाने की घोषणा की गई थी, उसके अनुरुप नगर परिषद ने आनन फानन में टेण्डर मांगे और वर्क ऑर्डर की प्रक्रिया पूरी भी कर ली। शहर में पांच जगह आधुनिक शौचालय बनाए जाएंगे। इन पर करीब ढाई करोड़ रुपए खर्च होंगे। इनमें पांच में से तीन जगह ऐसी हैं जहां पहले से ही सुलभ कॉम्पलेक्स हैं। नगर परिषद ने मुख्य केन्द्रीय बस स्टैण्ड, जवाहरनगर इंदिरा वाटिका, नगर परिषद कैम्पस में, वार्ड 44 और पुरानी आबादी वार्ड 5 में पचास-पचास लाख रुपए से पांच आधुनिक सार्वजनिक शौचालय बनाने के वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिए हैं।
नगर परिषद
नगर परिषद परिसर में सभापति, उप सभापति, आयुक्त के कक्ष में शौचालय-बाथरूम अटैच हैं। कार्मिकों के लिए भी मूत्रालय बना है। परिषद ऑफिस से चंद कदम पर कलक्ट्रेट पर सुविधा कॉम्पलैक्स है। इसके बावजूद परिषद परिसर में ही पचास लाख रुपए का आधुनिक शौचालय बनाने का वर्कऑर्डर हुआ है।
इस पार्क में पहले यूआईटी ने तीन लाख रुपए का मूत्रालय बनाया तो फिर छह लाख रुपए खर्च कर नगर परिषद ने उसी जगह शौचालय बनवा दिया। दोनों ही खराब हालत में हैं। नियमित सफाई नहीं होने के कारण लोग लघुशंका करने से परहेज करते हैं। नशेड़ी यहां से पाइपें और टोंटियां चोरी कर चुके हैं। सड़ंाध मारने से घूमने आने वाले लोगों को परेशानी हो रही है।
राजस्थान रोडवेज प्रबंधन ने बस स्टैण्ड पर मूत्रालय और शौचालय का निर्माण कराया था, लेकिन सफाई नियमित नहीं होने से खराब हो गए। एक समाजसेवी संस्था के सहयोग से सुलभ कॉम्पलेक्स रोडवेज टिकट काउण्टर के पास बनाया गया, लेकिन इसे भी बंद कर दिया गया। डेढ़ साल पहले बस स्टैण्ड में ही नया सुलभ कॉम्पलेक्स बनाया गया। यहां सुविधा के एवज में लोगों को पांच से दस रुपए देने पड़ते हैं।
वार्ड नं. 44
इस वार्ड से चंद कदम दूर गणेश टाकीज के पास और पुरानी शुगर मिल की ओर से जानी वाली रोड पर कुछ अर्से पहले सुलभ कॉम्पलेक्स बनाया गया था। इसकी नियमित सफाई नहीं होने के कारण परिषद प्रशासन ने इस पर ताला जड़ दिया। कॉम्पलेक्स में लगी पाइप लाइन तोड़ी जा चुकी है। इस कॉम्पलेक्स की कमियां दूर करने की बजाय अब वहां नया सुलभ कॉम्पलेक्स बनाने के आदेश परिषद ने दिए हैं।
Published on:
16 Apr 2018 07:30 am
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