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ग्रामीणों को नि:शुल्क चिकित्सीय सुविधा दी, विद्यार्थियों को खेल सामग्री व पाठ्य सामग्री देकर लाभांवित किया

सीमा सुरक्षा बल के डीआइजी ने सीमा चौकी का किया निरीक्षण चिकित्सा कैंप में 204 ग्रामीणों को नि:शुल्क जांच कर दी दवाइयां ग्रामीणों ने गांव के विद्यालय को क्रमोन्नत करने की उठाई मांग
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ग्रामीणों को नि:शुल्क चिकित्सीय सुविधा दी, विद्यार्थियों को खेल सामग्री व पाठ्य सामग्री देकर लाभांवित किया

अनूपगढ़. रिबन काटकर शिविर का उद्घाटन करते डीआईजी।

अनूपगढ़. सीमा सुरक्षा बल की 23वीं वाहिनी की ओर से बुधवार को भारत-पाक सीमावर्ती क्षेत्र के सीमावर्ती गांव 9 एलएसएम में सिविक एक्शन कार्यक्रम के तहत कैम्प का आयोजन किया गया। सिविक एक्शन कार्यक्रम में सीमा सुरक्षा बल की ओर से जहां एक तरफ ग्रामीणों को नि:शुल्क चिकित्सीय सुविधा दी गई वहीं विद्यालय के विद्यार्थियों को खेल सामग्री तथा पाठ्य सामग्री देकर लाभांवित किया गया।

कैम्प का उद्घाटन सीमा सुरक्षा बल के डीआईजी सत्येंद्र गिरी द्वारा रिबन काटकर किया गया। इस मौके पर सीमा सुरक्षा बल की वाहिनी के समादेष्टा तरुण कुमार गौतम भी मौजूद रहे। सिविक एक्सन कैम्प में ग्राम पंचायत 30 एपीडी और खोखरावली के अंतर्गत ग्राम 1 बीएसएम, 2 बीएसएम, 30 एपीडी, 4 के एएम और 26 एपीडी एवं 9 एलएसएम स्कूल के बच्चों को स्कूल बैग, स्टेशनरी आइटम, स्पोट््र्स आइटम व स्कूल फर्नीचर का सामान वितरण किया गया। मेडिकल कैंप में सीमा सुरक्षा बल के डॉ. तपन काले, मेडिकल अफसर, डॉ. सीमा बिश्नोई (एमबीबीएस) ने 204 मरीजों का उपचार कर मुफ्त में दवाई का वितरण किया गया। इस अवसर पर 23वीं वाहिनी के समादेष्टा तरुण कुमार गौतम, कृष्ण कुमार कोठारी (उप समादेष्टा), तेज राम(सहा समादेष्टा) अधिनस्थ अधिकारी आदि बीएसएफ के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। इस दौरान ग्राम पंचायत 30 एपीडी के सरपंच पूरनमल, गोपीराम शर्मा सरपंच (खोखरावाली), प्रधानाध्यापक राजकीय प्राथमिक विधालय 26 ए पी डी के गिरीरीज मीणा, राजकीय प्राथमिक विद्यालय 9 एलएसएम की प्रधानाध्यापिका पवन बाई मीणा भी उपस्थित रही।
कार्यक्रम के दौरान सत्येंद्र गिरी डी आई जी ने ग्रामीणों को बताया कि सिविक एक्शन प्रोग्राम भारत सरकार का एक कार्यक्रम है, जिसके तहत सीमावर्ती गंावों में रहने वाले जरूरतमंद ग्रामीणों व सामुदायिक केंद्रों में सामान उपलब्ध कराना होता है, जैसे कि सीमावर्ती प्राथमिक स्वास्थ्य सेंटर में जरूरत के उपकरण, स्कूलों में जरूरत की स्टेशनरी व खेलों का सामान इत्यादि उपलब्ध कराना है, जिससे सीमा सुरक्षा बल व ग्रामीणों के बीच अच्छा तालमेल बना रहता है।
गांव के विद्यालय को क्रमोन्नत करवाने के लिए अनुशंसा की मांग
निकटवर्ती गांव 9 एलएसएम के ग्रामीणों ने सरपंच पूर्णमल व गोपीराम तथा राजकीय प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापक पवन बाई मीणा के नेतृत्व में गांव में पहुंचे सीमा सुरक्षा बल के डीआईजी सत्येंद्र गिरी और सीमा सुरक्षा बल की 23 वीं वाहिनी के समादेष्टा तरुण कुमार गौतम के समक्ष विद्यालय के लिए सीमा सुरक्षा बल वाहिनीं की ओर से किए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उनके समक्ष स्कूल में व्याप्त अन्य समस्याओं को उठाते हुए उनसे आग्रह किया कि यहां के प्राथमिक विद्यालय को उच्च प्राथमिक विद्यालय में क्रमोन्नत करवाने के लिए बीएसएफ की ओर से अनुशंसा पत्र भेजें, ताकि यहां के बच्चों को माध्यमिक शिक्षा के लिए गांव से बाहर दूर नहीं जाना पड़े। इस मौके पर बीएसएफ के अधिकारियों को प्रधानाध्यापक व दोनों सरपंचों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने बताया कि वर्तमान में यहां का विद्यालय प्राथमिक स्तर का विद्यालय है। कक्षा 5 तक का विद्यालय होने के कारण आगे की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को अन्यत्र जाना पड़ता है। जिस पर बीएसएफ के दोनों अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वह इस मामले में सरकार को अनुशंसा पत्र भेजेंगे। इस मौके पर अधिकारियों ने प्रधानाध्यापक से विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या की जानकारी लेने के साथ ही व्यवस्थाओं के बारे में पूछा।
बॉर्डर पर तैनात जवानों का हौसला बढ़ाया
अनूपगढ़ सीमा क्षेत्र के दौरे के दौरान सीमा सुरक्षा बल के डीआईजी सत्येंद्र गिरी ने भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा की क्षेत्र की चौकी 2 बीएनएम का दौरा करके बॉर्डर पर तैनात जवानों का हौसला बढ़ाया। डीआईजी गिरी ने प्रेस को बताया कि सीमा चौकी पर उनकी विजिट ऑफिशियली थी। उन्होंनें जवानों से फिटनेस के बारे में भी बात की गई कि ड्यूटी के दौरान अपने आपको कैसे फिट रखना है। सीमा पार से ड्रोन की सहायता से आ रहे हेरोइन को रोकने के लिए ड्रोन रोधी तकनीक विकसित की जा रही हैं। सीमा सुरक्षा बल के जवान हमेशा क्षेत्र के गांव वालों के साथ तालमेल रखते हैं, ताकि किसी के पास कोई खबर हो तो बीएसएफ को पता चल सके और अपराधियों को पकड़ा जा सके।