श्रीगंगानगर.पंचायत समिति की साधारण सभा की बैठक में शुक्रवार को बिजली-पानी के मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को खरी-खरी सुनाई। उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया कि अत्यधिक गर्मी में रात नौ से एक बजे तक ही बिजली कटौती क्यों की जा रही है? क्या शहर में भी ऐसे में रात को बिजली कटौती होती है। ग्राम पंचायत गणेशगढ़ के सरपंच अवतार सिंह गिल ने बिजली कटौती को लेकर अधिकारियों से सवाल किए। अन्य सदस्यों ने उनका समर्थन किया। साधारण सभा की बैठक पंचायत समिति प्रधान सुरेंद्रपाल सिंह बराड़ की अध्यक्षता में हुई। इसमें गांवों में बिजली कटौती,पानी सप्लाई,गंगनहर में सिंचाई पानी की कमी,ग्रामीण क्षेत्र में गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य,अधूरा सडक़ निर्माण सहित अन्य मुद्दे प्रमुखता उठाए गए।
विधायक बिहाणी व बराड़ पहली बार आए
साधारण सभा की मीटिंग में चुनाव जीतकर पहली बार आए श्रीगंगानगर विधायक जयदीप बिहाणी व सादुलशहर विधायक गुरवीर सिंह बराड़ का प्रधान बराड़,विकास अधिकारी भंवर लाल स्वामी,उप प्रधान बृजमोहन यादव,सहायक अभियंता जितेंद्र खुराना सहित सरपंच,पंचायत समिति व जिला परिषद सदस्यों ने स्वागत किया। मीटिंग में पूर्व जिला परिषद सदस्य बलदेव सिंह बराड़ का भी स्वागत किया गया।
बिजली कटौती से पेयजल आपूर्ति हो रही बाधित
कालियां के सरपंच पवनदीप सिंह ने कहा कि 24 में से 10 घंटे गांवों में बिजली गुल रहती है। गांव में चार विद्युत ट्रांसफार्मर बदलने थे लेकिन गर्मी का सीजन आ गया। अब जनता बार-बार बिजली कट से परेशान है। पक्कीके सरपंच जसविंद्र सिंह ने कहा कि पक्की फीडर में थ्री फेज बिजली सप्लाई पूरी नहीं मिलती। इस कारण क्षेत्र में जलापूर्ति प्रभावित हो रही है। मिर्जेवाला के पंचायत समिति सदस्य हसन मोहम्मद ने कहा कि बिजली सप्लाई धरना लगाने पर मिलती है। पांच एलएल की सरपंच कमलजीत कौर ने कहा कि थ्री फेज बिजली सप्लाई पूरी नहीं दी जा रही। 18 जीजी सरपंच रणजीत झाझडिय़ा ने वाटरवक्र्स की समस्या उठाई।
पाइप लाइन की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
गांव ख्यालीवाला सरपंच पूनम रिणवां ने कहा कि वाटरवक्र्स की पाइप लाइन गुणवत्ताहीन डाली गई है। इसकी जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए। दुल्लापुर कैरी की पंचायत समिति सदस्य शांति देवी ने कहा कि वार्ड छह से 11 केवी की लाइन जा रही है। दो लोगों की जान जा चुकी है लेकिन इसे लोगों के घरों से नहीं हटाया जा रहा। ओडक़ी की पंचायत समिति सदस्य शारदा ने कहा कि गांव में नशा बहुत ज्यादा है। इस परअकुंश लगाया जाए तथा पीएचसी स्वीकृत की जाए।