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पंजाब के तस्करों की नजर जिले से सटी सीमा पर

श्रीगंगानगर जिले से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा के आसपास संपर्क सूत्रों की तलाश

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श्रीगंगानगर.

सीमा सुरक्षा बल और पुलिस की सख्ती के बाद पंजाब में सक्रिय मादक पदार्थों के तस्करों ने अब श्रीगंगानगर जिले से सटी भारत-पाक सीमा के आसपास ऐसे संपर्क सूत्रों की तलाश शुरू कर दी है जो पाकिस्तान से आने वाली हेरोइन की डिलीवरी लेने में उनकी मदद कर सके। पंजाब में पकड़े गए मादक पदार्थों के तस्करों से हुई पूछताछ में यह खुलासा हुआ है।

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सीमा सुरक्षा बल की सख्ती के चलते पंजाब से सटी भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से होने वाली तस्करी पर काफी हद तक अंकुश लगा है। इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कुछ प्वाइंट ऐसे हैं जिनके पास जरा सी चूक होते ही पाकिस्तानी तस्कर हेरोइन की खेप तारबंदी के इस पार भारतीय सीमा में भेजने में सफल हो जाते हैं। फिरोजपुर सेक्टर में हाल ही सीमा सुरक्षा बल ने हेरोइन की बड़ी खेप जब्त की है जिसका अंतरराष्ट्रीय बाजार में मूल्य दस करोड़ रुपए से भी अधिक आंका गया है।

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बाज नहीं आ रहे तस्कर
पंजाब में नशा और इसके कारोबारियों को समाप्त करने का वादा करके सत्ता में आई कांग्रेस की सख्ती के बावजूद मादक पदार्थों के तस्कर अपनी गतिविधियां जारी रखे हुए हैं। अकेले फिरोजपुर सेक्टर में सीमा सुरक्षा बल ने इस वर्ष अब तक 53 किलोग्राम हेरोइन जब्त की है जबकि मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े तस्करों का नेटवर्क फिरोजपुर के अलावा तरनतारन, गुरदासपुर और अमृतसर जिलों में भी है। भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे पंजाब के यह चारों जिले मादक पदार्थों की तस्करी के लिए कुख्यात हैं। सीमा सुरक्षा बल ने अभियान चला कर इन चारों जिलों के सीमावर्ती इलाके में तस्करों का नेटवर्क काफी हद तक ध्वस्त किया है। लेकिन अभी भी कई तस्कर बचे हुए हैं और पाक तस्करों से संपर्क रखते हुए अपना धंधा जारी रखे हुए है।

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खुफिया सूत्रों के अनुसार पंजाब से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल तथा समूचे प्रदेश में सरकार की सख्ती के चलते नशे के तस्करों की नजर अब पूरी तरह श्रीगंगानगर जिले से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा से हेरोइन की डिलीवरी लेने पर टिकी पर है। इसके लिए वे डिलीवरी प्वॉइट के साथ संपर्क सूत्र भी तलाश रहे हैं। हालांकि राजस्थान से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा की भौगोलिक स्थिति पंजाब से भिन्न है और यहां ऐसा कोई वीक प्वाइंट नहीं जहां से पाकिस्तानी तस्कर हेरोइन की डिलीवरी दे सके। पंजाब में तो सीमा पर घने पेड़ और फसलें हैं जिनकी सहायता से वे नजर चुकाने में सफल रहते हैं। यहां ऐसी स्थिति नहीं।


कई बार पकड़ी जा चुकी खेप
सीमा सुरक्षा बल की सख्ती के चलते भी पंजाब के तस्कर इस इलाके में डिलीवरी प्वॉइट की तलाश कर हेरोइन की तस्करी का प्रयास करते रहे हैं। वर्ष 2012 में सीमा सुरक्षा बल ने हिन्दुमलकोट और मदेरां सीमा चौकी क्षेत्र में हुए ऐसे प्रयासों को विफल कर दिया था। गत वर्ष गजसिंहपुर क्षेत्र के सीमावर्ती गांव 5 एफडी के पास भी सीमा पार से हेरोइन की खेप आने का मामला पकड़ में आया था। लेकिन पुलिस आज तक स्थानीय संपर्क सूत्र का पता नहीं लगा पाई।


एक कॉल पर अलर्ट
पंजाब के बॉर्डर एरिया में मादक पदार्थों की बरामदगी के मामले सामने आने के बाद इलाके में भी संयुक्त रूप से जांच का दायरा बढ़ाया गया है। सेना, बीएसएफ, खुफिया एजेसियों के अलावा दोनों राज्यों की पुलिस की संयुक्त बैठक में ऐसे अपराधियों पर पैनी नजर रखने का निर्णय हो चुका है जो मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े हुए हैं। बीएसएफ और पुलिस ने संयुक्त रूप से सत्रह प्वॉइटों पर नाकेबंदी की है ताकि अपराधी को तत्काल काबू किया जा सके। एक कॉल पर यह संयुक्त टीम अलर्ट हो जाती है।
हरेन्द्र कुमार महावर, जिला पुलिस अधीक्षक श्रीगंगानगर