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इंदिरा कॉलोनी में लाल निशान लगाए और भूले

Put red mark in Indira Colony and forget it- नगर परिषद प्रशासन की अनदेखी से अटका मुख्य रोड का विस्तार

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इंदिरा कॉलोनी में लाल निशान लगाए और भूले

इंदिरा कॉलोनी में लाल निशान लगाए और भूले

श्रीगंगानगर। कब्जा मुक्त शहर मुहिम के तहत नगर परिषद प्रशासन ने तीन साल पहले इंदिरा कॉलोनी की मुख्य रोड पर घरों और दुकानों के आगे सरकारी भूमि साफ करने के लिए लाल रंग के निशान लगाए थे ताकि उसके अनुरुप अतिक्रमण हटाया जा सके। इसकी मंशा थी कि इंदिरा कॉलोनी की मुख्य रोड की चौड़ाई अधिक हो सके और यह रोड डिवाइडर के रूप में विकसित किया जा सके। लेकिन जनप्रतिनिधियों ने सब्जबाग खूब दिखाए लेकिन हकीकत में काम नहीं किया। वहीं कई लोग इस कब्जे साफ करने की मुहिम के खिलाफ हो गए और अपना विरोध दर्ज कराते हुए सभापति तक शिकायत पहुंचा दी। दुकानदारों ने भी सर्वसम्मति से कब्जा साफ करने में सहयोग नहीं किया और यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। अब भी लाल निशान इस रोड पर संचालित दुकानों और घरों पर देखे जा सकते है। इसके साथ साथ इंदिरा कॉलोनी की इस मुख्य रोड का जीर्णोद़्धार भी अटका हुआ हैं।
करीब चार साल पहले इंदिरा कॉलोनी की गली नम्बर दस में कई लोगों ने अपने घरों की चारदीवारी और दुकानों के आगे चबूतरे हटाने की पेशकश की थी। इन लोगों की पहल पर नगर परिषद के तत्कालीन आयुक्त अशोक असीजा ने उसी समय मौके पर पहुंचे और जायजा लिया। असीजा ने आश्वासन दिया था कि पूरी रोड कब्जा मुक्त हो जाएगी तो नगर परिषद प्रशासन तत्काल वहां मुख्य नाले को शिफ़्ट कर दिया जाएगा और नई रोड का निर्माण हो जाएगा। इस आश्वासन के अनुरुप लोगेां ने भी सहयोग किया और यह रोड करीब चार दशक के बाद कब्जा मुक्त हुई। इस रोड की चौड़ाई पहले बीस फीट थी लेकिन कब्जे हटाने के उपरांत चालीस फीट हो गई। इस रोड पर प्रोपर्टी के दाम एकाएक बढ़ गए।
सुखाडिय़ा मार्ग पर खुराना होटल से इंदिरा कॉलोनी होते हुए सीधा पंजाब के अबोहर रोड के लिए सीधा रास्ता खुल जाता। लेकिन इंदिरा कॉलोनी की गली नम्बर 11 और कबीर चौक के पास अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया नगर परिषद प्रशासन ने बीच में रोक दी। यहां कब्जे साफ होते तो सुखाडि़या मार्ग से शुगर मिल के पास बने आरयूबी को क्रॉस करते हुए सीधे आजाद टाकीज के पास अबोहर रोड तक पहुंचा जा सकता था लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। इस वजह से इंदिरा कॉलोनी और गुरुनानक बस्ती में बड़ी सड़क का सपना बनकर रह गया हैं। कंगन मैरिज पैलेस से कबीर चौक तक रोड की चौड़ाई नगर परिषद के रिकॉर्ड में चालीस फीट है लेकिन दोनों साइडों में कब्जे होने के कारण यह सिकुड़ कर महज बीस फीट रह गई है, ऐसे में लोगों को आए दिन यातायात बाधित होने की समस्या से जूझना पड़ रहा हैं।