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Rajasthan News : कृषि बहुल श्रीगंगानगर जिले में पिछली बार गुलाबी सुंडी की वजह से कपास की फसल बर्बाद होने की वजह से इस बार किसानों का इस फसल से मोहभंग हो गया है। नकदी फसल कपास का किसानों के पास कोई विकल्प नहीं है, लेकिन मजबूरी में खाली पड़ी भूमि पर किसान ग्वार व मूंग की की बुवाई कर रहे हैं। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में मूंग का लक्ष्य 68 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में बुवाई का लक्ष्य तय किया गया था। कृषि विभाग के अनुसार श्रीगंगानगर जिले की गंगानगर, सादुलशहर, सूरतगढ़, श्रीकरणपुर, केसरीसिंहपुर, गजसिंहपुर व पदमपुर तहसील क्षेत्र में एक लाख 5961 हेक्टेयर क्षेत्रफल में मूंग की फसल की बुवाई हुई है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कपास की बुवाई कम होने पर किसानों ने मूंग की बुवाई की है। उल्लेखनीय है कि श्रीगंगानगर जिले में कपास, मूंग, ग्वार, मोठ सहित अन्य फसलों को मिलाकर तीन लाख 59 हजार 231 हेक्टेयर क्षेत्रफल में खरीफ की फसल की बुवाई हुई है।
संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार श्रीगंगानगर डॉ.सतीश कुमार शर्मा ने बताया श्रीगंगानगर जिले में कृषि विभाग ने ग्वार की बुवाई का लक्ष्य 1 लाख 50 हजार हेक्टेयर रखा था और एक लाख 44 हजार 517 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बुवाई हुई है। श्रीगंगानगर जिले में कपास की बुवाई कम होने पर किसानों ने मूंग व ग्वार की फसल की बुवाई अधिक की है। मूंग की फसल की बुवाई लक्ष्य से अधिक हुई है। इस बार किसानों का मूंग की फसल की तरफ अच्छा रुझान है।
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कृषि विभाग के अनुसार देसी कपास 1181.5 हेक्टेयर, अमरीकन कपास 1736 हेक्टेयर और बीटी कपास की 80730 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बुवाई की गई है। इस तरह जिले में कुल 83 हजार 647 हेक्टेयर में कपास की बुवाई की गई है।
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Updated on:
06 Aug 2024 05:38 pm
Published on:
06 Aug 2024 05:38 pm
