
SriGanganagar कोरोनाकाल के बाद फिर से दिखेगा राम का त्याग
श्रीगंगानगर। शहर में कोरोना के दो साल बाद इस बार दो संगठनेां की ओर से एक ही क्षेत्र में महज आठ फीट की दूरी में दो रामलीला का मंचन शुरू हो रहा है। चौबीस सितम्बर से दोनों संगठनों ने अपने अपने ग्रुप के साथ रामलीला मंचन के लिए दर्शकों को बुलाने के लिए न्यौता भी दे रहे है। दर्शकों को इन दोनेां रामलीला मंचन होने से फायदा मिलेगा। बच्चों और महिलाओं में रामलीला के मंचन को लेकर उत्साह बना हुआ है। इधर, दशहरे पर भी दो जगहों पर रावण परिवार के पुतलों का दहन किया जाएगा। इसके लिए अलग अलग दो संगठनों ने नगर परिषद प्रशासन से अनुमति भी मांगी है। इसमें एक नगर परिषद और श्रीरामलीला सेवा समिति के संयुक्त तत्वाधान में रामलीला मैदान तो महावीर दल मंदिर कमेटी की ओर से एसएसबी रोड पर दशहरा मनाया जाएगा।
इस बीच, श्रीसनातन धर्म हनुमानराम नाटक समिति की ओर से सुखाडि़या सर्किल रामलीला मैदान में दिव्य रामलीला मंचित की जाएगी। यह मंचन चौबीस सितम्बर से छह अक्टूबर तक रहेगा। इस समिति के अध्यक्ष ओम असीजा ने बताया कि अब तक कलाकारों की ओर से रिहर्सल अरोड़वंश ट्रस्ट के बीरबल चौक के पास मंदिर परिसर में की जा रही थी लेकिन गुरुवार से रामलीला मैदान में तैयार किए जा रहे रामलीला मंचन पर शुरू की गई है। इधर, सुखाडि़या सर्किल के पास िस्थत गोपीराम बगीची में श्रीराम लीला सेवा समिति की ओर से हाईटेक रामलीला का मंचन चौबीस सितम्बर से चार अक्टूबर तक किया जाएगा। इस समिति के अध्यक्ष कृष्ण गुनेजा ने बताया कि एक ही क्षेत्र में होने से स्पर्धा लगती हो लेकिन कलाकारों और दर्शकों के लिए यह उचित माध्यम है।
इस बीच, रामलीला मैदान मेँ रामलीला के मंचन के दौरान भारतीय संस्कृति के साथ-साथ रामलीला की मर्यादा का पूरा ध्यान रखा जायेगा। कई दशकों से इस रामलीला मेँ प्रबंध समिति और कलाकार इस बात का ध्यान रखते रहे हैं। श्रीसनातन धर्म हनुमानराम नाटक क्लब के पदाधिकारियों ने बताया कि किसी भी दृश्य को कंप्यूटर की मदद से नहीं दिखाया और तैयार किया जाएगा। इसलिए इस रामलीला के मंच को दिव्य रामलीला की संज्ञा दे रहे हैं। जिस प्रकार से सीन पहले तैयार किये जाते थे, उसी प्रकार इस बार भी किये जायेंगे, ताकि दर्शकों को सब कुछ वैसा ही प्रतीत हो, जैसा वास्तव मेँ हुआ था।
पदाधिकारियों ने बताया कि रामलीला देखने के लिये जो भी कोई रामलीला के पात्रों का कोई स्वरूप बन के आयेगा उसे सम्मानित किया जायेगा। पदाधिकारियों ने बताया कि परंपरागत पर्दे और जंगल के जीवंत दृश्यों का अहसास करवायेंगे। उन्होने कहा कि रामलीला के माध्यम से संस्था मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम और भरत के त्याग और भाईचारे की शिक्षा देने का प्रयास कर रही है। इसी लिये संस्था ने 50 युवकों को रामलीला से जोड़ा है। अनेक युवा भी रामलीला मेँ विभिन्न पात्रों की भूमिका मेँ होंगे। इस दौरान अध्यक्ष ओम असीजा, सचिव राज जनवेजा, कोषाध्यक्ष दीपक जसुजा वरिष्ठ उपाध्यक्ष सोनू अनेजा ,उपाध्यक्ष टिकम गर्ग तथा हनुमान का पात्र निभाने वाले रामचन्द्र खुराना मौजूद थे। रामलीला मेँ 24 सितंबर को पहले दिन नारद मोह का मंचन होगा। दूसरी नाइट को राम जन्म की लीला दिखाई जायेगी। 26 सितंबर को तड़का वध और सीता स्वयंबर का मंचन किया जायेगा। 27 सितंबर को राम का वन गमन दिखाया जायेगा। 28 सितंबर को भरत मिलाप की लीला होगी। 29 सितंबर को सीताहरण लीला दिखाई जायेगी। इसी प्रकार 30 सितंबर को लंका दहन और श्रीहनुमान जी की झांकी दिखाई जायेगी। एक अक्टूबर को लक्ष्मण मूर्छित होगा। दो अक्टूबर और 3 अक्टूबर को श्रीराम और रावण की सेनाओं मेँ युद्ध की लीला का मंचन होगा।
Published on:
22 Sept 2022 09:07 pm
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