
चालीस 'स्मार्ट विलेज' का चयन, लेकिन नहीं बदली गांवों की तस्वीर
श्रीगंगानगर.
मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल करते हुए श्रीगंगानगर जिले में चालीस स्मार्ट विलेज का चयन किया गया लेकिन इन गांवों में विकास कार्य के लिए कोई विशेष बजट आवंटित नहीं किया। इस कारण इन गांवों की तस्वीर बदलने का सपना अधूरा रह गया। इसके चलते स्मार्ट विलेज बस नाम के 'स्मार्ट विलेज' बनकर रह गए हैं।
इन गांवों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जानी थी लेकिन इन गांवों में सामान्य विकास कार्य ही हो रहे हैं। तीन हजार से अधिक आबादी वाले इन गांवों का चयन किया गया था। हालांकि जिला परिषद ने इन गांवों में 1618 कार्य के लिए 8786.94 लाख रुपए के प्रस्ताव तैयार किए गए थे। विभाग का दावा है कि 109 कार्य पर 681.50 लाख रुपए खर्च किए गए। कुछ गांव बीएडीपी में शामिल हुए इनमें भी राशि खर्च की जाएगी।
इन गांवों का किया था चयन
श्रीगंगानगर जिले में मुख्यमंत्री की घोषणा पर जिला परिषद व पंचायत समितियों ने 40 स्मार्ट विलेज का चयन किया था। इनमें श्रीकरणपुर ब्लॉक में 32 एफ, छह वी, सादुलशहर ब्लॉक में मन्नीवाली, गणेशगढ़,बनवाली, खैरूवाला डंूगरसिंहपुरा, हाकमाबाद, 21 एसडीएस, खाट सजवार, श्रीगंगानगर ब्लॉक में एक डी, 12 एफ, पांच डी, पांच पी, तीन ए, दो एफ, दो एचएच एक, तीन क्यूं,चार एचएच, चार जे, 30 जीजी, एक एफ,चार सी, सात बी,सूरतगढ़ ब्लॉक दो एसजीएम,15 एकेएस,11 एसजीएम, पीपेरन,दो एमएनडब्ल्यूएम, तीन बीएमएएम,रायसिंहगर व पदमपुर ब्लॉक में बींझबायला, 60 एलएनपी, 49 एलएल डब्लयू, नौ बीबी,छह आरबी,अनूपगढ़ ब्लॉक में चार जेएसडी,घड़साना ब्लॉक में दो एसटीआर व दो एएलडी ए आदि गांवों का चयन स्मार्ट विलेज के रूप में किया गया था।
इन गांवों में ये होने थे काम
1. जल निकास प्रबंधन नालियां व सोखते गड्ढे, पक्की गलियां
2. प्रत्येक स्मार्ट विलेज गांव में दो लाख रुपए की लागत से सामुदायिक शौचालय का निर्माण।
3. सार्वजनिक पार्क व खेल मैदान विद ओपन जिम ।
4. चरागाह विकास के लिए खाई,मिट्टी की चारदीवारी निर्माण।
5. ग्रामीण गौरव पथ एवं मुख्य मार्ग पर सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था,एलईडी लाइट या सोलर लाइट का प्रबंधन ।
6. गांवों में नियमित स्वच्छता,सफाई कर्मी एवं कचरा परिवहन के लिए किराए के ट्रैक्टर-ट्रॉली या रिक्शे की व्यवस्था ।
7. दो मुख्य मार्गों को स्वराज मार्ग के नाम से विकसित करना ।
8. महात्मा गांधी नरेगा में केटेगिरी बी के कार्य
9. खेत समतलीकरण,खेत तलाई,फलदार पौधारोपण,फार्म,पौंड, कैटलशैड, वर्मी कंपोस्ट पिट।
10. ई-पुस्तकालय और नॉलेज सेंटर।
11. वाई-फाई की सुविधा अटल सेवा केंद्र व ग्राम के मुख्य स्थान पर।
12. सीनियर सैकंडरी स्कूल,प्राथमिक उपस्वास्थ केंद्र,पशु चिकित्सा केंद्र।
13. दुग्ध उत्पादक समितियों का गठन, स्वच्छ पेयजल सुविधा,अन्न भंडार गृह।
14. प्रधानमंत्री आवास योजना व ग्रामीण,आदर्श तालाब व नदी के किनारे पर सामुहिक स्नानागार सुविधा।
इनका कहना है
स्मार्ट विलेज गांवों में सामान्य कार्य हो रहे हैं। दो लाख रुपए की लागत से सामुदायिक शौचालय का निर्माण हर गांव में नहीं हुआ है। बीएडीपी में अलग से बजट मिलता है लेकिन सरपंच गांव में अन्य कार्य की बजाय सीसी रोड का निर्माण करवाना चाहते हैं।
गुरतेज सिंह बराड़, विकास अधिकारी, पंचायत समिति, श्रीगंगानगर।
Published on:
02 Jun 2018 09:30 am
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