
graveyard
श्रीगंगानगर.
शहर में पदमपुर रोड स्थित सबसे बड़े श्मशान घाट (कल्याण भूमि) में मंगलवार को बच्चों के दफनाए जाने वाले दो परिसरों में दर्जनों कब्रें खुदी हुई मिलने से सनसनी फैल गई। इसके बाद वहां पहुंचे लोगों ने दोनों परिसरों को देखा। वहां करीब 90 प्रतिशत बच्चों की कब्र्रें खुदी मिलीं। इसको लेकर वहां हंगामा हो गया। मामले की सूचना नगरपरिषद सभापति, श्मशान घाट की देखरेख करने वाली संस्था के पदाधिकारी, कोतवाली पुलिस, शहरवासी और जनप्रतिनिधि पहुंचे।
इंदिरा कॉलोनी निवासी संदीप तिन्ना की सौलह माह की बेटी की अस्पताल में रविवार को मौत हो गई थी। उसे कल्याण भूमि में चारदीवारी के भीतर दफना दिया गया। मंगलवार दोपहर संदीप व उसके साथी रस्मों के तहत क्रिया (जलाअर्पण) करने कल्याण भूमि पहुंचे। वहां बच्ची की कब्र खुदी मिली और शव गायब था। मामले की जानकारी संदीप ने नगरपरिषद उपसभापति अजय दावड़ा लक्की को दी। इस पर उपसभापति अपने साथियों के वहां पहुंचे तो पाया कि श्मशान भूमि में बच्चों को दफनाने के दो परिसरों में दर्जनों कब्र्रें खुदी हुई हैं। पता चलते ही लोग जमा हो गए। पुलिस व कल्याण भूमि प्रबंधन संस्था को सूचना दी गई। मामले की सूचना मिलने पर कोतवाली से सबइंस्पेक्टर संदीप खींचड़ मय जाब्ते मौके पर पहुंचे। वहीं, कल्याण भूमि समिति उपाध्यक्ष उदयपाल झाझडिया आदि भी पहुंच गए। पुलिस, झाझडिय़ा, दावड़ा और लोगों ने श्मशान घाट के दोनों परिसरों का जायजा लिया तो पाया कि करीब 90 प्रतिशत कब्रें खुदी हुई हैं। इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
मिले हैं कुत्तों के पैरों के निशान
- श्मशान भूमि में जहां कब्रें खुदी हुई है, उनके आसपास मिट्टी में कुत्तों के पैरों के निशान मिले हैं। इससे यह कयास लगाया जा रहा है कि कुत्तों ने कब्रें खोदी और शव ले गए। जबकि, कल्याण भूमि के दोनों परिसरों में चारदीवारी है और गेट हमेशा बंद रहता है।
दोनों परिसरों में मिली राख
- दोनों कब्र परिसरों में बुझाई गई राख मिली है। एक परिसर में राख के समीप शराब की खाली बोतल, पव्वे आदि पड़े मिले। वहीं, इससे कुछ दूरी पर काफी राख मिली। यहां करीब दो-तीन मीटर में आग जलाने के निशान मिले हैं। दूसरे परिसर में भी दो जगह आग लगने निशान है। इसमें खुरपी, टिफिन के कुछ हिस्से मिले हैं।
कब्रों के पास मिली मानव की हड्डी
- दूसरे परिसर में कब्रों के पास मानव की हड्डी के कुछ टुकड़े व हिस्से मिले हैं। वहीं, यहां एक कब्र पर ताजा फूल, दीया, धूप व पानी आदि भी पड़ा है। इस कब्र के आसपास पानी भी बिखरा हुआ मिला।
तांत्रिकों की भी हो सकती है करतूत
- वहां पहुंचें लोगों की ओर से कयास लगाए जा रहे हैं कि यह तांत्रिकों की करतूत हो सकती है। इस घटना को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। आक्रोशित लोगों ने मौके पर पहुंची पुलिस से मामले की जांच की मांग की।
इनका कहना है
- श्मशान घाट में 48 घंटे पहले दफनाई गई बच्ची का शव कब्र में नहीं है। इसके अलावा अन्य कब्रों में बच्चों के शव नहीं है। अधिकतर कब्रें खुदी मिलीं। पुलिस जांच करेगी। यहां किस-किस का आना जाना रहता है और यह घटना कैसे हुई।
संदीप खीचड़, सब इंस्पेक्टर कोतवाली, श्रीगंगानगर।
इंदिरा कॉलोनी निवासी संदीप ने 48 घंटे पहले अपनी मृत बच्ची को दफनाया था लेकिन वहां उसका शव नहीं मिला। वहां पहुंचे तो अधिकतर कब्रें खुदी मिलीं और बच्चों के शव गायब थे।
- अजय दावडा लक्की, उपसभापति नगरपरिषद श्रीगंगानगर।
नई व पुराने परिसर में अधिकतर कबे्रं खुदी हुई हैं। इनमें ईंटे भी हटाई गई और शव कपडों से भी निकाले गए हैं। यह कुत्तों का काम हो सकता है और अंधविश्वास के लिए भी कोई ऐसी करतूत कर सकता है। पुलिस जांच में ही इसका पता चल सकेगा।
- उदयपाल झाझडिय़ा, उपाध्यक्ष, कल्याण भूमि समिति श्रीगंगानगर।
Published on:
23 Jan 2018 07:48 pm
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