श्रीगंगानगर. मुकलावा थाना क्षेत्र में करीब सात साल पहले भूखंड विवाद में परिवार पर हमला करने पर मां-बेटे सहित सात जनों को तीन-तीन साल कठोर कारावास और एक लाख चालीस हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया है। एक ही गांव के इन आरोपियों में 71 वर्षीय बुजुर्ग भी शामिल है।
यह निर्णय पोक्सो प्रकरणों की स्पेशल कोर्ट संख्या दो के स्पेशल जज अरुण कुमार अग्रवाल ने सुनाया। विशिष्ट लोक अभियोजक नवप्रीत कौर ने बताया कि 2 जुलाई 2016 को राजकीय जिला चिकित्सालय में उपचार के लिए भर्ती गांव 6 एमके ए निवासी जगराज सिंह पुत्र लालसिंह ने मुकलावा पुलिस को बयान दिया था कि उसने अपने गांव में एक भूखंड पाल कौर से पचास हजार रुपए में खरीद करने के लिए सौदा तय किया था। बीस हजार रुपए बकाया था, इसको को लेकर पालकौर धमकाने लगी। 30 जून 2016 की रात वह अपने परिवार के साथ घर पर था तभी पालकौर, अमरजीतसिंह, गुरदेव सिंह, लालू सिंह, रिछपाल सिंह, मंगासिंह आदि ने लोहे के सरिए, डंडो और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। परिवार में उसकी पत्नी, बेटी और बेटे को चोटें भी पहुंचाई। जबकि आरोपियों ने उसके सिर पर पिस्तौल भी तानी। उसने पड़ौसी घर पर जाकर अपनी जान बचाई। पदमपुर से एम्बुलैंस बुलाकर उपचार कराने के लिए परिजनों और उसे भिजवाया गया। पुलिस ने आरोपियो के खिलाफ मामला दर्ज कर अदालत में चालान पेश किया।
अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपियों मुकलावा थाना क्षेत्र गांव 6 एमके ए निवासी 31 वर्षीय अमरजीत सिंह पुत्र गुरचरण सिंह, इसी गांव के 71 वर्षीय गुरदेव सिंह पुत्र मुंशीसिंह, 29 वर्षीय लालू पुत्र पप्पूसिंह, 41 वर्षीय पाल कौर पत्नी पप्पूसिंह, 56 वर्षीय मलकीत सिंह पुत्र करनैल सिंह, 32 वर्षीय मंगासिंह उर्फ सुखदेव सिंह पुत्र गुरदेव सिंह, 39 वर्षीय रिछपाल सिंह उर्फ राजा उर्फ सुखपाल सिंह पुत्र मलकीतसिंह को दोषी मानते हुए आईपीसी की धारा 147 में छह छह माह के साधारण कारावास और पांच-पांच सौ रुपए जुर्माना, धारा 459-149 में तीन-तीन साल कठोर कारावास व दस-दस हजार रुपए जुर्माना, धारा 460 और धारा 440 में तीन तीन साल कठोर कारावास व पांच पांच हजार रुपए जुर्माना, धारा 325-149 में एक-एक साल कठोर कारावास व दो हजार रुपए का जुर्माना, धारा 323 में छह-छह माह कारावास व पांच-पांच सौ रुपए का जुर्माना, धारा 427 में छह-छह माह कारावास व दो-दो हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। इन आरोपियों को पोक्सो एक्ट से दोष मुक्त कर दिया। वहीं आरोपी कालासिंह उर्फ कुलदीप उर्फ नरेन्द्र सिंह मफरूर है, इसके लिए यह मामला लंबित रखने के आदेश किए।