
treatment plant
श्रीगंगानगर.
सद्भावनानगर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का एक माह तक ट्रायल किया जाएगा। इसके बाद ही आगे किसानों को गंदा पानी पूरी तरह से ट्रीट होकर मिल पाएगा।इसके बाद ही शहर के लोगों को गंदे पानी से राहत मिलेगी। हालांकि सद्भावना नगर एसटीपी का एक बार ट्रायल कर लिया गया है और प्रारंभिक तौर पर सफल रहा है, लेकिन अब यूआईटी के एक्सईएन संदीप नागपाल का कहना है कि ए माइनर तक पाइप लाइन बिछाई हुई है।
इसके आगे किसानों ने 14 इंच की पाइप लाइन बिछाई है। किसानों को गुरुवार से सिंचाई के लिए एसटीपी से पानी सप्लाई की जाएगी। किसानों को पूरी तरह से साफ पानी एक माह बाद मिल पाएगा। एसटीपी टैंक में आठ लाख लीटर पानी का भंडारण किया जा रहा है।उल्लेखनीय है कि महादेव एन्क्लेव के पास बने एसटीपी में एक करोड़ लीटर पानी ट्रीट करने की क्षमता है। इस प्लांट से जवाहरनगर, अग्रसेननगर, चहल चौक आदि क्षेत्र को गंदे पानी से राहत मिलेगी।
अभी क्या है स्थिति
जिला मुख्यालय पर जल निवासी के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। बिना बारिश के ही सद्भावना नगर का गड्ढ़ा लबालब है और हाईवे तक गंदा पानी पसरा रहता है। बारिश के सीजन में आई बरसात का पानी अब भी पत्रकार कॉलोनी और विकासपुरी के खाली प्लॉटों तक चला जाता है। इससे मच्छरों की भरमार हो जाती है।
एनएन इन्वायरों ने करवाया काम
प्लांट का काम सद्भावना नगर में निजी कंपनी एसएन इन्वायरो ने करवाया है। कंपनी को शुरू होने के बाद दस वर्ष तक प्लांट का रख-रखाव करना होगा। इसके लिए प्रति वर्ष तीन करोड़ के हिसाब से 30 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाएगा। इसके लिए सद्भावना नगर में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।
चलेगा ट्रायल
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का अब एक माह तक ट्रायल किया जाएगा। इसके बाद ही किसानों को ट्रीट किया हुआ साफ पानी सिंचाई के लिए मिलेगा। हालांकि पानी की आपूर्ति तो अभी से दी जाएगी लेकिन शुरू-शुरू में पानी पूरी तरह से साफ कम होगा। सीवरेज लाइन में बहुत से चैंबर है जिनकी सफाई करवाई गई है। इनका ट्रायल करने पर ही पूरी तरह से पता चल पाएगा।
कैलाशचंद्र शर्मा, सचिव, यूआईटी श्रीगंगानगर।
Published on:
12 Dec 2017 09:41 pm
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