7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान के इस शहर में किसानों ने बंद किए रास्ते, अब दिल्ली के सीएम केजरीवाल के घर करेंगे प्रदर्शन

श्रीगंगानगर के गंगनहर में तय अनुपात के अनुसार पानी की मांग पर ग्रामीण किसान मजदूर समिति (जीकेएस) का श्रीगंगानगर शहर को आने वाले पांच मुख्य रास्तों पर पड़ाव शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा।

2 min read
Google source verification
farmers_demand_.jpg

श्रीगंगानगर के गंगनहर में तय अनुपात के अनुसार पानी की मांग पर ग्रामीण किसान मजदूर समिति (जीकेएस) का श्रीगंगानगर शहर को आने वाले पांच मुख्य रास्तों पर पड़ाव शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। गंगनहर को पानी नहीं मिलने के लिए पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार को दोषी मानते हुए समिति ने सोमवार को दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर पर प्रदर्शन का निर्णय किया है।

जीकेएस प्रवक्ता संतवीर सिंह मोहनपुरा ने बताया कि हमारी कलक्ट्रेट के घेराव की तैयारी चल रही है। शहर को आने वाले रास्तों पर पड़ाव डाले बैठे किसान इशारा मिलते ही कलक्ट्रेट के घेराव के लिए रवाना हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि हमारी उम्मीद जल संसाधन मंत्री महेन्द्र जीत मालवीय पर टिकी हुई थी। पंजाब गए जल संसाधन मंत्री खाली हाथ लौटे हैं तो कलक्ट्रेट का घेराव कर प्रशासन का कामकाज ठप करने के अलावा और कोई चारा नहीं बचा। प्रवक्ता ने बताया कि गंगनहर के किसानों को पानी नहीं मिलने के पीछे दिल्ली के मुख्यमंत्री की राजनीतिक द्वेषता काम कर रही है। पंजाब के मुख्यमंत्री में इतनी ताकत नहीं कि वह राजस्थान के हिस्से का पानी रोक ले। केजरीवाल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिए किसान रविवार को दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
यह भी पढ़ें : किसान ने 25 बीघा खेत में किया ऐसा काम कि अब अब मिलेगा राष्ट्रीय पुरस्कार


पड़ाव स्थल पर डटे हैं किसान
शहर को आने वाले श्रीकरणपुर मार्ग, पदमपुर मार्ग, मिर्जेवाला मार्ग, हिन्दुमलकोट मार्ग और सूरतगढ़ मार्ग पर किसानों ने पड़ाव डाला हुआ है। अधिकांश किसान शुक्रवार रात ट्रैक्टर ट्रालियों के साथ लौट गए हैं। लेकिन पड़ाव लायक किसान अभी भी पांचों रास्तों पर ट्रैक्टर ट्रालियों के साथ डटे हुए हैं। पड़ाव स्थल पर ही किसानों के लिए भोजन आदि की व्यवस्था की हुई है। पड़ाव डाले बैठे किसानों का कहना है कि पानी की मांग पूरी होने से पहले वह घर नहीं लौटेंगे।

यह भी पढ़ें : अस्पतालों में मरीजों के परिजन ही कर रहे मरहम पट्टी, 500 से ज्यादा ऑपरेशन टाले