एक सौ फीट ऊंचे ध्वज की सार संभाल अब नगर परिषद के जिम्मे, यूआईटी ने छुड़ाया अपना पल्ला

The city council is now responsible for handling the flag of one hundred feet high- तीन साल पहले भारत माता चौक पर साढ़े ग्यारह लाख रुपए की लागत से लगा था तिरंगा.

By: surender ojha

Published: 27 Jun 2021, 01:43 PM IST

श्रीगंगानगर. करीब तीन साल बाद यूआईटी ने सुखाडि़या सर्किल भारत माता चौक पर स्थित एक सौ फीट ऊंचे ध्वज के बार बार उतराने और फहराने की लचर प्रक्रिया से अपना पल्ला छुड़वा लिया है।

न्यास प्रशासन ने इस ध्वज का क्षेत्राधिकार खुद की बजाय नगर परिषद के सुपुर्द कर दिया है। इस ध्वज को 14 अगस्त 2018 को तत्कालीन अध्यक्ष संजय महिपाल के कार्यकाल में स्थापित करवाया गया था, इस पर करीब साढ़े ग्यारह लाख रुपए की लागत आई थी।

इसकी सार संभाल के लिए ठेका फर्म से अनुबंध भी किया गया था। ध्वज का कपड़ा बदलने के लिए कोटा से विशेष ऑर्डर से मंगवाया जाता है। न्यास सचिव डा.हरितिमा ने बताया कि सुखाडि़या सर्किल सहित कई चौक विकसित करके नगर परिषद को सुपुर्द किए जा चुके है।

एेसे में भारत माता चौक पर लगे इस ध्वज की सार संभाल अब नगर परिषद प्रशासन ही करेगा। इसके लिए बकायदा आदेश भी जारी हो गए है। इधर, नगर परिषद आयुक्त सचिन यादव ने स्वीकार किया कि यूआईटी ने इस ध्वज की देखरेख नगर परिषद को दी है। इस ध्वज को फहराने के लिए कपड़े आदि की व्यवस्था नगर परिषद करेगी। पिछले काफी समय से भारत माता चौक पर यह ध्वज नही है।

न्यास अधिकारियों का कहना था कि आंधी तूफान के कारण इस ध्वज का कपड़ा खराब हो गया था, इसे अब बदलने की प्रक्रिया होगी। इस भारत माता चौक पर करीब दो सौ फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज लगाने का प्रस्ताव नगर परिषद के तत्कालीन सभापति अजय चांडक ने तैयार करवाया था।

लेकिन यह सूचना लीक होने पर तब न्यास के तत्कालीन अध्यक्ष संजय महिपाल ने यूआईटी से एक सौ फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज स्थापित करवा दिया।

इसके लिए भाजपाई एक पार्षद के रिश्तेदार को ठेका भी दिया था। इस ठेकेदार ने दिल्ली से उपकरण मंगवाकर यह ध्वज स्थापित कराया। विभिन्न हस्तियों के निधन पर शोक स्वरूप आधा झुकने का आदेश था लेकिन ध्वज के लगे उपकरण में यह सिस्टम नहीं है कि वह आधा झुक गए।

एेसे में इस ध्वज को पूरा ही उतरवाया जा रहा है। लेकिन अब नगर परिषद प्रशासन का दावा है कि इस ऑटोमैटिक सिस्टम में बदलाव कराया जाएगा।

surender ojha Reporting
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