
केसरीसिंहपुर.
कमीनपुरा स्थित शुगर मिल का तीसरा पिराई सत्र गुरुवार को पूजा अर्चना के साथ शुरू हो गया। कैन की चेन में खनन राज्य मंत्री सुरेंद्र पाल सिंह टीटी, महाप्रबंधक डॉ. नरेंद्र थोरी के साथ गन्ना उत्पादक किसानों ने गन्ना डालने के बाद रिमोट बटन दबाकर शुरुआत की। पहले दिन गन्ने से लदी 10 ट्रालियां लेकर पहुंचे किसान पिराई सत्र शुरू होने से जहां उत्साहित नजर आए।
किसानों ने हरियाणा के समान गन्ने के मूल्य देने और प्रदूषण रहित मिल चलाने की मांग उठाई। पिराई के लिए मोढी वैरायटी 7717, 6617 व 89003 की पहले दिन पर्चियां दी गई। 3100 क्विंटल गन्ने की पिराई की जाने का लक्ष्य रखा है। कार्यक्रम में श्रीगंगानगर यूआईटी चेयरमैन संजय महिपाल, उप महाप्रबंधक देवेंद्र कौशिक, मुख्य डिस्टलरी केमिस्ट सुधीर कुमार, मुख्य गन्ना विकास अधिकारी रजनीश कुमार, इंजीनियर आरसी वर्मा, ग्लोबल कंपनी के चीफ एके सिंह, श्रीकरणपुर उपखंड अधिकारी मुकेश बारहैठ, नायब तहसीलदार ओपी मीणा, सीआई वेदप्रकाश लखोटिया के अलावा गन्ना उत्पादक संघ के अध्यक्ष तरसेम सिंह, सचिव सतविंद्र सिंह, गंगानगर किसान समिति के रणजीत सिंह राजू, विक्रम सिंह, करतार सिंह, प्रह्लाद टाक, पूर्व प्रधान ओम सोलंकी सहित लोग मौजूद रहे।
दुर्गंध से सांस लेना मुश्किल, सुधार के निर्देश
किसानों ने मिल के जीरो डिस्चार्ज पर भी सवाल उठाते हुए कहा की यह प्रदूषण मुक्त होनी चाहिए जबकि भयंकर बदबू से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। मिल के आस-पास के गांव फूसेवाला, कमीनपुरा, अरायण सहित केसरीसिंहपुर शहरी क्षेत्र में मिल की दुर्गंध ने जीना मुहाल कर रखा है। इस पर टीटी ने मिल के महाप्रबंधक व ग्लोबल कम्पनी को इसमें सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गन्न्ना किसानों को इस बार किसी तरह की दिक्कत नहीं आनी चाहिए। यहां सामने आया कि पिछले दो सालों से यह मिल बिना प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों के चल रही थी। इस पर अगले महीने तक इस प्रक्रिया को पूरा करने का भरोसा दिलाया। उल्लेखनीय है कि इस संबंध में पत्रिका ने भी मुद्दा उठाया था।
भुगतान नेफ्ट द्वारा करने की भी मांग रखी
मिल के साथ सीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट होने के बावजूद किसानों को अन्य राज्यों से कम मूल्य पर गन्ना बेचना पड़ रहा है। किसानों ने बैंकिंग में भुगतान नेफ्ट द्वारा करने की भी मांग रखी। इसे भी लागू करने का विश्वास महाप्रबंधक ने दिलाया।
10 लाख क्विंटल गन्ना मिलने की उम्मीद
महाप्रबन्धक ने बताया कि इस सीजन में 11833 बीघा में गन्ने की बिजाई की गई थी लेकिन मौसम के साथ बारिश के कारण यह रकबा 8 हजार बीघा रह गया। इसमें अनुमानित 16 की बजाए 10 लाख क्विंटल ही गन्ना मिल पाने की बात कही। इससे मिल 2 से ढाई माह चल पाएगी। मिल ने 9.50 प्रतिशत रिकवरी का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने बताया कि बून्द-बून्द सिंचाई से 350 बीघा में से 6500 क्विंटल आवक होगी। इन्हें प्राथमिकता से लिया जाएगा । वहीं छोटे काश्तकारों के लिए ही पर्ची वितरण की व्यवस्था में नियम तय किए गए हैं। किसानों के साथ बैठक कर इसमें और सुधार लाया जाएगा।
Published on:
22 Dec 2017 08:07 am
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