श्रीगंगानगर। नगर परिषद प्रशासन की ओर से पट्टे बनाने की धीमी चाल और भेदभाव के आरोपों को लेकर भाजपा पार्षदों ने आयुक्त को ज्ञापन दिया। इन पार्षदों ने तीखी तेवर दिखाते हुए साफ साफ बोला कि नगर परिषद में मिलीभगत का खेल बंद कर दो अन्यथा कानूनी शिकायतें हुई तो आयुक्त की कुर्सी खतरे में पड़ जाएगी। इन पार्षदों का कहना था कि जिन लोगों ने दस माह पहले अपने मकान के पट्टों के लिए आपत्ति सूचना तक मांगी गई, उनकी समय अवधि तक बीत चुकी है लेकिन पट्टे बनाने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। जबकि महज बीस दिन पहले आवेदकों की फाइलों को एम्पयार्ड कमेटी की बैठक में निपटाया जा रहा है। कच्ची बस्ती के कई पट्टों को बनाने से पहले दस्तावेजों का दुबारा निरीक्षण करने, लंबे समय से ब्लॉक एरिया, जवाहरनगर एरिया, सेतिया कॉलोनी और पुरानी आबादी क्षेत्र के पट्टे बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह भी किया।
इस दौरान आयुक्त विश्वास गोदारा को पार्षद कमल नारंग, प्रियंक भाटी, चेष्ठा सरदाना, अमरजीत सिंह गिल, पवन गौड़, हरविन्द्र सिंह पांडे, कमल चराया, अमित चलाना आदि ने ज्ञापन दिया। इसके अलावा इन पार्षदों ने आयुक्त को वार्डो में सफाई निरीक्षकों के तबादले का भी विरोध जताया। पार्षदों के अनुसार लंबे समय बाद वार्डो में सफाई व्यवस्था ठीक हुई है लेकिन अब फिर से चंद लोग बिगाड़ने के लिए सफाई निरीक्षकों की उठापटक की जा रही हैं।
विदित रहे कि नगर परिषद प्रशासन ने अगले तीन दिन में चार सौ पट्टे बनाने की तैयारी की थी। इसके लिए एम्पयार्ड कमेटी की बैठक लगातार चार दिन आयोजित होनी थी लेकिन एक पार्षद ने आयुक्त से कहासुनी तो इस बैठक को टाल दिया गया। वहीं सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष के दौरे के कारण नगर परिषद प्रशासन ने पूरी प्रक्रिया को रोक दिया। नगर परिषद बोर्ड की बजट बैठक चौदह मार्च को रखी गई है, इस बैठक से पहले पट्टे बनाने का आंकड़े बढ़ाने की तैयारी थी लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।