श्रीगंगानगर। लालगढ़ जाटान में नौ साल की बच्ची को टॉफी खिलाने के बहाने अगुवा कर उससे दुष्कर्म करने का प्रयास किया गया। इस घटना को छुपाने के लिए गांव की कल्याण भूमि में ले जाकर ईंट मारकर उसकी हत्या कर दी। इस खौफनाक हत्या करने की वारदात का आरोपी आ खिर काबू कर लिया। यह आरोपी बच्ची के परिवार का परिचित है। यह आरोपी भी मजदूरी करता है। दो दिन पहले मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे घर के आगे खड़ी इस बच्ची को 42 वर्षीय जयपाल पुत्र मोहनलाल अपनी बाइक पर आया और टॉफी खिलाने के बहाने अपने साथ ले गया। घर से दूर सूनसान इलाके कल्याण भूमि में इस बच्ची के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया।
इस बच्ची के शोर मचाने और परिजनों को बताने वह एकदम डर गया। उसने उसी समय अपना यह राज छुपाने के लिए ईंट मारकर हत्या कर दी और वहां से भाग आया। लेकिन अगले दिन किसी ने बच्ची का शव मिलने पर पुलिस ने एफएसएल टीम व डॉग स्क्वायड टीमों की मदद से आरोपी के बारे में पड़ताल करनी शुरू कर दी।
एडिशनल एसपी सतनाम सिंह ने बताया कि यह आरोपी बच्ची के परिवार का परिचित हैं और उसके घर आना जाना था। उसके मन में गलत ख्याल आ गया और बच्ची को बलात्कार की नीयत से टॉफी दिलाने के बहाने उसे अपने साथ मोटरसाइकिल पर बैठा कर ले गया। पकड़े जाने के डर से कल्याण भूमि में बच्ची के सिर पर ईंट की गहरी चोटें मारकर निर्मम हत्या कर दी। पुलिस की अलग अलग टीमों ने बच्ची के घर से कल्याण भूमि तक के रास्तों के आसपास अपनी जानकारी जुटाई। पूरा इलाका स्कैन करने के बाद इस आरोपी के बारे में छानबीन की तो सुराग मिल गया। पूछताछ की तो पूरी वारदात की कहानी बयां कर दी।
इधर, पुलिस ने श्रीगंगानगर के राजकीय जिला चिकित्सालय में मेडिकल बोर्ड से बच्ची के पोस्टमार्टम होने तक इंतजार किया। पोस्टमार्टम में भी आरोपी की ओर से बताए गए घटनाक्रम की पु ष्टि हुई तो उसे गिरफ्तार कर लिया।
लालगढ़ जाटान में 29 नवंबर की शाम को साढे पांच बजे बालिका के एकाएक लापता होने और अगले रोज 30 नवम्बर को कल्याण भूमि में उसका शव मिलने पर गुस्साए ग्रामीणों ने गुरुवार सुबह से ही पुलिस थाने के समक्ष धरना प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इस मामले के अलावा ग्रामीण बुधवार रात दवा विक्रेता पर हुए हमले और लूटपाट की वारदात से भी गुस्साए हुए थे।
इधर, पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा के निर्देश पर पुलिस की चार टीमों ने इस बच्ची की हत्या के मामले को खोलने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। पुलिस के इस अनुसंधान के दौरान पुलिस अ धिकारी संजय बोथरा, लालगढ थाना प्रभारी तेजवंत सिंह, चूनावढ़ सीआई परमेश्वरलाल सुथार, कश्यप सिंह, रघुवीर सिंह,संजीव चौहान,कुलदीप सिंह आदि शामिल हुए।
राजकीय जिला चिकित्सालय में पोस्टमार्टम होने के बाद बच्ची का शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया लेकिन परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार करने के बजाय वे अपने घर के आगे धरने पर बैठ गए। देर रात वहां पुलिस के अधिकारियों ने भी डेरा डाल लिया। सीओ ग्रामीण भंवरलाल ने बताया कि उन्होंने परिजनों से आग्रह किया था कि अंतिम संस्कार किया जाएं लेकिन परिवार के मौजिज आपस में चर्चा करके निर्णय पुलिस को बताएंगे। अभी तक परिजनों की तरफ से कोई मांग सामने नहीं आई है।