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दो सप्ताह में पुराना स्ट्रेक्टर होगा साफ: बनेगा चार मंजिला नया अस्पताल

The old tractor will be cleaned in two weeks: a new four-storey hospital will be built- राजकीय जिला चिकित्सालय में आपातकालीन और आयुष भवन और कई वार्डो को तोड़ने की प्रक्रिया तेज

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श्रीगंगानगर. शहर में सरकारी मेडिकल कॉलेज बनने के बाद अब नया अस्पताल बनने का रास्ता साफ हो गया है। केन्द्र और राज्य सरकार की ओर से इस नए अस्पताल का चार मंजिला भवन का निर्माण इसी महीने पन्द्रह फरवरी से शुरू किया जा रहा है। इसके लिए मौजूदा राजकीय जिला चिकित्सालय के आपातकालीन भवन, सीसीयू भवन, आयुष भवन, कोविड लैब सहित तीन वार्डो की बिल्डिंग को तोड़ने का काम तेज हो गया है। ठेकेदार ने आपातकालीन भवन को साफ करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अगले दो सप्ताह में पुराना स्ट्रेक्चर को साफ करने का लक्ष्य दिया है। वहीं नोडल एजेंसी राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम (आरएसआरडीसी) के प्रोजेक्ट मैनेजर भीमसेन स्वामी ने बताया कि बीकानेर की ठेका कंपनी नरेश गोयल संस को करीब 79 करोड़ का बजट खर्च करने के लिए अधिकृत किया है। इस कंपनी को नया अस्पताल के साथ साथ दो हॉस्टल निर्माण भी करवाना है। अनुबंध के अनुसार पन्द्रह फरवरी से नए अस्पताल बनाने का काम शुरू किया जाएगा। इस तिथि से आगे डेढ़ साल तक की समय अवधि में यह काम पूरा करना है। प्रस्तावित नए अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सको का ओपीडी कैम्पस, आपातकालीन कैम्पस, पर्ची काटने का अलग से कैम्पस, बुजुर्गो और बच्चों के लिए अलग से कैम्पस बन सकेगा।

दो इंर्स्टशिप हॉस्टल का निर्माण भी इसी नए अस्पताल के साथ साथ बनाने के लिए ठेका कंपनी को अधिकृत किया हे। इंर्स्टशिप करने वाले स्टूडेंट्स को वहां ठहरने की व्यवस्था हो पाएगी। यह निर्माण सद्भावनानगर की मुख्य रोड पर यूआईटी की ओर से आंवटित की गई नौ बीघा भूमि में होगा। चिकित्सालय परिसर में 240 बैड के नए अस्पताल से मौजूदा चिकित्सालय परिसर में 710 बैड की संख्या हो जाएगी। राजकीय जिला चिकित्सालय में फिलहाल 370 बैड है। इसके अलावा कोविड काल में एमसीएच भवन में 100 बैड की व्यवस्था होने और नए 240 बैड अस्पताल से यह संख्या सात सौ पार हो जाएगी।

राजकीय जिला चिकित्सालय में एमरजेंसी का भवन को तोड़ा जा रहा है। इस भवन को चिकित्सालय प्रबंधन ने पुराने एमसीएच भवन में शिफ़्ट किया है। लेकिन अधिकांश लोग अब भी पुरानी एमरजेंसी भवन तक आते है लेकिन वहां तोड़फोड़ की कार्रवाई देख इस सुविधा के शिफ़्ट होने पर जानकारी मांगते है। हालांकि चिकित्सालय प्रबंधन ने नई जगह पर शिफ्ट हुई एमरजेंसी के बारे में बैनर भी लगाए है लेकिन दुर्घटना या अन्य आपात िस्थति में आने वाले रोगियों के बारे में लोग चिकित्सकों और चिकित्सा कर्मियों से पूछताछ कर रहे है। इधर, एमसीएच भवन में स्थापित किए गए एमरजेंसी पर अब सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे है। चिकित्सा कर्मियों के अनुसार यह भवन अंदर होने के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। अमूलचूल परिवर्तन किए जा रहे है। आयुर्वेदिक ओपीडी को पहले से ही शिफ्ट किया जा चुका है।

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