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गंगानगरी किन्नू की मिठास, गुणवत्ता और स्वाद गजब का

पत्रिका एक्सक्लूसिव- कृष्ण चौहान- देश-विदेश में रहती है अच्छी मांग -इस बार किन्नू का उत्पादन बंपर, बाजार में आवक शुरू

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गंगानगरी किन्नू की मिठास, गुणवत्ता और स्वाद गजब का

गंगानगरी किन्नू की मिठास, गुणवत्ता और स्वाद गजब का

इस बार किन्नू का उत्पादन बंपर, बाजार में आवक शुरू

-गंगानगरी किन्नू की मिठास, गुणवत्ता और स्वाद गजब का


पत्रिका एक्सक्लूसिव- कृष्ण चौहान- देश-विदेश में रहती है अच्छी मांग
श्रीगंगानगर. सर्दी बढऩे से गंगानगरी किन्नू में मिठास बढऩे लगी है। किन्नू का रंग बदल रहा है। मौसम में परिवर्तन से इस बार किन्नू बाजार में जल्दी आना शुरू हो चुका है। अब पांच-छह दिन से अबोहर और श्रीगंगानगर की फल-सज्बी मंडी में करीब दो हजार क्विंटल प्रतिदिन आ रहा है। साथ ही किन्नू वैक्सीन प्लांट भी शुरू हो चुके हैं। देश ही नहीं विदेशों में भी श्रीगंगानगर किन्नू की मिठास, गुणवत्ता और स्वाद गजब का माना जाता है। पिछले कुछ सालों में देश के फ्रूट मैप पर गंगानगरी किन्नू ने अलग पहचान बनाई है। प्रदेश में सबसे ज्यादा किन्नू की बागवानी श्रीगंगानगर जिले में होती है। जिले में किन्नू की फलतवस्था में बागवानी 10 हजार 238 हैक्टेयर में है और इस बार तीन लाख 80 हजार मीट्रिक टन किन्नू का उत्पादन होने का अनुमान है। जबकि पिछले वर्ष 95 हजार मीट्रिक टन ही किन्नू का उत्पादन हुआ था। उल्लेखनीय है कि श्रीगंगानगर जिले में 12 हजार 79 हैक्टेयर में किन्नू की बागवानी है।



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प्रसिद्ध है गंगानगरी किन्नू



गंगानगरी किन्नू पंजाब व राज्य के अन्य जिलों की तुलना में अपनी लालीयुक्त चमक, आकर्षक रंग, पतले छिलके, रसीले और मिठास युक्त स्वाद के कारण देश में ही नहीं बल्कि विश्व में भी विशेष पहचान रखता है। इन्हीं विशेषताओं की वजह से पंजाब के किन्नू को पहले ही पछाड़ चुका है। स्वाद, रंग और रूप में ज्यादा भिन्नता नहीं है। बावजूद इसके पंजाब के मुकाबले गंगानगरी किन्नू की देश में मांग है। स्थानीय फल रैडनेस लिए पतले छिलके वाला होता है जबकि पंजाब का किन्नू पीलापन लिए मोटा छिलकायुक्त होता है।



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दूसरे नम्बर पर पंजाब

किन्नू की खेती सिर्फ राजस्थान के जिलों में ही नहीं, बल्कि पड़ोसी प्रदेश पंजाब के किसान अबोहर, फिरोजपुर, मुक्तसर, बठिंडा, होशियारपुर व मलोट आदि क्षेत्र में किन्नू की खेती की जा रही है। यहां की भूमि किन्नू के लिए मुफीद है। पंजाब में बीते कुछ वर्षों में एग्रोफ्रूट कंपनियां काफी संख्या में स्थापित हुई है। इससे रस निकालकर पैक कर पाउच या फिर डिब्बाबंद पैकिंग बाजार में बिक्री किया जा रहा है। इससे प्रेरित होकर किन्नू उत्पादक अपनी फसल की पैदावार बढ़ा रहे हैं।



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यहां जाता है किन्नू

दक्षिणी राज्यों के अलावा नेपाल के लोगों को भी गंगानगरी किन्नू का स्वाद भाता है। तमिलनाडु के कोयबटूर, मदुरै, केरला के विभिन्न शहरों, आंधप्रद्रेश के हैदराबाद, विजयवाड़ा, महाराष्ट्र के मुंबई, नासिक, उत्तर प्रदेश के मेरठ, लखनऊ, कर्नाटक के बेंगलूरु, गुजरात के अहमदाबाद, सूरत, बड़ौदा, मध्यप्रदेश के इंदौर और भोपाल में गंगानगरी किन्नू की सप्लाई की जाती है। वहां से अन्य शहरों में किन्नू भेजा जाता है।



फैक्ट फाइल



वर्ष, क्षेत्रफल व उत्पादन मीट्रिक टन



वर्ष क्षेत्रफल उत्पादन
2016-17 10228 260000
2017-18 10430 210000
2018-19 10781 280000
2019-20 10920 285000
2020-21 11071 370000
2021-22 11174 180000
2022-23 11250 95000



-ड्रिप पर फलों का क्षेत्रफल-8738 हैक्टेयर
-फलत अवस्था पर क्षेत्रफल-10234 हैक्टेयर
-अनुमानित उत्पादन -3,80,000 मीट्रिक टन
-पिछले वर्ष उत्पादन-95 हजार मीट्रिक टन
-जिले में कुल बागवानी-12079 हैक्टेयर
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पंजाब में भी किन्नू की अच्छी फसल

श्रीगंगानगर के साथ पंजाब के अबोहर क्षेत्र में भी इस बार बंपर उत्पादन होगा। किन्नू की फसल का उत्पादन और गुणवत्ता श्रीगंगानगर जैसी ही है। तापमान अधिक होने से इस बार किन्नू का फल जल्दी पक कर बाजार में आना शुरू हो चुका है। एक बीघा में करीब 150 क्विंटल किन्नू का उत्पादन हो रहा है।
विकास भादू, किन्नू उत्पादक किसान।
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किन्नू का बंपर उत्पादन

इस बार श्रीगंगानगर व पंजाब क्षेत्र में किन्नू का बंपर उत्पादन होगा। पछली बार उत्पादन कम था जबकि भाव अधिक। इस फिलहाल अच्छी गुणवत्ता का रंगीन किन्नू 16 से 17 रुपए प्रति किलो बिक रहा है पिछली बार 25 से 30 रुपए बिक रहा था। इस बार किन्नू बागों में 10 से 14 रुपए प्रति किलो ठेके पर छूट रहा है। किन्नू बागों से बाजार में आना शुरू चुका है।
विजय यादव, किन्नू उत्पादक किसान, न्यू प्रेम नगर, श्रीगंगानगर।

मौसम में बदलाव के साथ ही सर्दी बढऩे से किन्नू में मिठास बढ़ती जा रही हे। इस बार श्रीगंगानगरी किन्नू की बागवानी अच्छी है और फल की गुणवत्ता अच्छी है और बंपर उत्पादन है। जिले में इस बार ३ लाख ८० हजार मीट्रिक टन किन्नू का उत्पादन की संभावना है।
प्रीतिबाला,उप निदेशक उद्यान विभाग, श्रीगंगानगर।






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