
श्रीगंगानगर. सेवादार आमजन को गर्म दूध पिलाते हुए।
महेन्द्रसिंह शेखावत
श्रीगंगानगर. कड़ाके की सर्दी से बचने के लिए जब हम लोग गर्म कपड़ों और हीटर की तलाश करते हैं, तब दो दर्जन सेवादारों की टीम शहर में निकलती है और दीन-हीन व असहाय लोगों को गर्मागर्म दूध पिलाती है। सर्दी के साथ चाहे घना कोहरा हो या फिर बरसात लेकिन सेवादारों का काम कभी बा धित नहीं होता है। हर साल करीब चालीस दिन सुबह चार बजे से लेकर आठ बजे तक यह सेवा नियमित रूप से चलती है। रोजाना दो से ढाई क्विवंटल दूध निशुल्क पिलाया जाता है। पिछले 15 साल से सेवादार कुलविंदर सिंह राजू की अगुवाई में सेवादारों की समर्पित टीम की सेवा निशुल्क और निस्वार्थ रूप से चल रही है। इस सेवा का उद्देश्य न केवल प्रभावितों को सर्दी से राहत देना होता है बल्कि समाज में भाईचारे और सहानुभूति की भावना को मजबूत करना भी है। सेवादार रोजाना गर्मागर्म दूध के साथ बिस्कुट, ब्रेड, वस्त्र, कंबल, जूते और जुराबें आदि भी वितरित करते हैं। इतना ही नहीं निराश्रित श्वानों को भी सुबह गर्मागर्म दूध पिलाया जाता है। यह दूध फीका होता है। यह अनूठी सेवा हर साल 20 दिसंबर से पहले ही शुरू होती है और 26 जनवरी तक लगातार जारी रहती है। खास बात यह है कि सेवादारों की टीम में 12 साल तक के बालक एवं बालिकाएं भी शामिल हैं।
गुरुद्वारा धन धन बाबा दीप सिंह शहीद के मुख्य सेवादार तेजेंदर पाल सिंह टिम्मा ने बताया कि बाबा मोती राम मेहरा के पूरे परिवार ही मुगलों ने कोल्हू में डालकर शहीद कर दिया था। उनका दोष सिर्फ इतना था कि उन्होंने ठंडे बुर्ज में कैद सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह के छोटे साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह व बाबा फतेह सिंह को दूध पिलाने की सेवा की थी। शहीद बाबा मोतीराम मेहरा की याद में हर वर्ष कड़ाके की सर्दी में गुरद्वारा के सेवादार सड़कों, फुटपाथ व बस स्टैंड पर सो रहे जरूरतमंद लोगों को दूध पिलाकर उन्हें याद करते हैं।
Updated on:
8 Jan 2025, 6:31 PM IST
Published on:
8 Jan 2025, 6:31 PM IST
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