
श्रीगंगानगर. शहर से सटे गांव कालियां में चोरी की बड़ी वारदात हो गई। इस संबंध में सदर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। गांव कालियां निवासी भूपेन्द्र कुमार पुत्र राधेश्याम अरोड़ा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके पिता श्रीगंगानगर में छोटे भाई प्रवीण के साथ रहते हैं। पिता का ऑपरेशन कराया गया था, उनसे मिलने के लिए पत्नी रजनी मिडढा और दोनों बच्चे 26 जुलाई को गए हुए थे। रात को करीब साढ़े दस बजे वापस आए तो खाना कर सो गए।
रात करीब ढाई बजे जब वह बाथरूम जाने के लिए उठा तब कमरे का गेट नहीं खुला। उसने पड़ोस में रहने वाले अपने चाचा मोहनलाल को कॉल करके गेट खुलवाया। जब दूसरे कमरे में जाकर देखा तो अलमारी के गेट खुले हुए थे और सारा सामान बिखरा हुआ मिला। अलमारी की चॉबी पत्नी के पर्स में रहती है। यह पर्स लॉबी में था। इस पर्स से भी आठ हजार रुपए की नकदी और चॉबी चुराई गई।
इन अज्ञात चोरों ने अलमारी में रखे दो मंगलसूत्र, दो चैन, दो लॉकेट, चार-पांच चूड़ियां, छह अंगूठी, आठ टॉप्स सैट, एक गले का सैट, पांच कोके, करीब पन्द्रह तौला सोना, चांदी करीब एक किलो और सवा लाख रुपए की नकदी, गुलक में बच्चों के आठ हजार रुपए चुरा ले गए। मकान मालिक ने बताया कि उसका पुश्तैनी मकान 40 गुणा 40 साइज का बना हुआ है। लॉबी के दो गेट हैं, इसमें एक गेट हल्का होने के कारण चोरों ने उसे लोहे के रॉड से तोड़ा और घर के अंदर एंट्री की। परिवादी दवाइयों का होलसेलर है, जबकि उसकी पत्नी गुरुनानक गर्ल्स कॉलेज में व्यायाता के पद पर कार्यरत है। दोनों बच्चें स्कूल में पढ़ते हैं।
पुरानी कहावत है कि चोरों के आगे ताले नहीं टिकते यह बात इस चोरी की घटना स्थल पर देखने को मिली है। इस घर की लॉबी के लोहे से बने गेट को मकान मालिक ने ताला लगा रखा था, लेकिन चोरों ने इस ताले को तोड़ने की बजाय गेट को ही उखाड़ दिया। इस गेट से घर के अंदर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित भूपेन्द्र ने बताया कि परिवार में वह सबसे बड़ा है, सारी जिमेदारी उसके सिर पर है। पूरे जीवन की जमा पूंजी से यह सोने के जेवर बनाए थे, वे चोर चुरा ले गए।
Updated on:
29 Jul 2024 02:20 pm
Published on:
29 Jul 2024 01:45 pm
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