
श्रीगंगानगर.
रेलवे स्टेशन परिसर में स्थित खूंटे वाले जीआरपी थाने को करीब तेंतीस साल बाद आरोपितों को रखने के लिए हवालात तो मिल गई लेकिन अब ठेकेदार ने इसको अटका रखा है। यहां कई माह से दो हवालात निर्माणाधीन है, जो ठेकेदार व अधिकारियों की ढिलाई से पिछले कई दिन से बंद पड़ा है। पुलिसकर्मियों ने बताया कि तेंतीस साल पहले जब थाना बना तो यहां आरोपितों को रखने के लिए हवालात का निर्माण नहीं हुआ। थाने के हैड मोहिर्रर के कमरे में एक खूंटा गाड दिया गया।
गिरफ्तार होने वाले आरोपितों को इसी खूंटे पर बांधा जाता है। राजस्थान पत्रिका ने कुछ माह पहले ‘पशुओं की तरह खूंटे से बांधे जाते हैं आरोपित’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर रेलवे व पुलिस अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया। इस मामले को मानवाधिकार आयोग ने गंभीरता से लिया और जीआरपी के एसपी को पत्र भेजा। इसके बाद यह मामला रेलवे अधिकारियों तक गया। आखिर रेलवे ने जीआरपी थाने मेंे हवालात बनाने का बजट जारी कर दिया।
थाने में एक महिला व पुरुष हवालात निर्माण को करीब छह लाख का बजट पास किया। बजट मिलने पर करीब दो-तीन माह पहले इसका निर्माण शुरू हुआ लेकिन अभी तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया। इसके चलते अभी तक आरोपितों को खूंटे से निजात नहीं मिल पा रही है। यहां हवालात का ढांचा तो खड़ा कर दिया गया है लेकिन कई दिन से कार्य बंद पड़ा हुआ है। जीआरपी पुलिसकर्मियों की ओर से इस संबंध में रेलवे अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।
बन रही कम्प्यूटर लैब
पुलिसकर्मियों ने बताया कि जीआरपी थाने के पास ही कम्प्यूटर लैब का भी निर्माण कार्य चल रहा है। जिसके जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है। यहां चार कम्प्यूटर लगाए जाएंगे सहित अन्य संसाधन मुहैया कराए जाएंगे। इसके निर्माण के बाद अन्य थानों की तरह यहां भी ऑनलाइन सिस्टम चालू हो सकेगा। हवालात निर्माण के बाद उखाड़ा जाएगा खूंटा - पुलिसकर्मियों ने बताया कि थाने में हवालात निर्माण के बाद आरोपितों को उनमें रखा जाएगा। इसके बाद थाने के कमरे में गडे खूंटे को वहां से उखाड़ दिया जाएगा। यह खूंटा यहां तेंतीस साल से गडा हुआ है। इसके थाने को खूंट से निजात मिल सकेगी।
Published on:
28 Dec 2017 07:15 am
बड़ी खबरें
View Allश्री गंगानगर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
