
श्रीगंगानगर.
नगर परिषद बोर्ड की ओर से वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए बजट 186 करोड़ रुपए का प्रावधान किया जाएगा। यह पिछले साल के मुकाबले करीब बारह करोड़ रुपए का अधिक का होगा। परिषद बोर्ड की 23 फरवरी को प्रस्तावित इस बैठक में यह बजट पेश किया जाएगा। पिछले साल 177 करोड़ 34 लाख 45 हजार रुपए का बजट पेश किया लेकिन 45 करोड़ 57 लाख 53 हजार रुपए का बजट ही खर्च हो सका। वहीं संशोधित कर पिछले साल वर्ष 2017-18 में 167 करोड़ 16 लाख 95 हजार रुपए का बजट किया गया, इसके मुकाबले इसमें से 64 करोड़ 35 लाख 95 हजार रुपए खर्च हो पाए है। इस बार वर्ष 2018-19 के लिए यह बजट 186 करोड़ 97 लाख 40 हजार रुपए का होगा, यह बजट सभापति परिषद बोर्ड की बैठक के दौरान सदन में रखेंगे।
आय के स्त्रोत हो गए बंद
नगर परिषद के खजाने में जल निकासी योजना के लिए दानदाता बीडी अग्रवाल की ओर से जमा कराए गए 10 करोड़ रुपए थे लेकिन पिछले साल यह राशि दानदाता को परिषद प्रशासन ने ब्याज करीब दो करोड़ कुल बारह करोड़ वापस कर चुकी है। यह बड़ा झटका अब तक परिषद झेल नहीं पाई है। वहीं आय के स्त्रोत भी बंद हो गए हैं। बकाया नगरीय विकास कर की वसूली थम गई है।
बकाया गृहकर नहीं मिला। रेलवे प्रशासन से प्रति यात्री टिकट के एवज में कुछ न कुछ अंशदान मिलता था, वह भी पिछले पांच साल से बंद है। विभिन्न सिनेमाघरों से मिलने वाला मंनोरंजन कर भी परिषद के खजाने में नहीं आया। गंदे पानी को आसपास काश्तकारेां को बेचा जाता था, उस पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के कारण यह आय भी बंद हो गई है। इस बार वर्ष 2018-19 के लिए यह बजट 186 करोड़ 97 लाख 40 हजार रुपए का होगा, यह बजट सभापति परिषद बोर्ड की बैठक के दौरान सदन में रखेंगे।
Published on:
22 Feb 2018 06:35 am
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