रायसिंहनगर. बैंक में नकली सोना गिरवी रख कर लाखों रुपए का चूना लगाने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जबकि ठगी का मास्टरमाइंड पुलिस की पकड़ से अब भी दूर है। जानकारी के अनुसार केनरा बैंक के मैनेजर ने 12 अक्टूबर 2022 में मामला दर्ज करवाते हुए आरोप लगाया था कि केनरा बैंक का अधिकृत सोने के आभूषणों के वैल्यूअर रविन्द्र सोनी पुत्र जगदीश राय ने जानबूझकर साजिश के तहत नकली सोने को सही बताते हुए बैंक से आरोपियों ओम प्रकाश पुत्र लालचन्द, रवि कुमार पुत्र लालचन्द, मनोज कुमार पुत्र धर्मेन्द्र कुमार को लोन दिलवाया। मिली भगत करके बेईमानी व धोखाधड़ी करने की मंशा से बैंक के साथ 25 लाख 26 हजार 1 सौ 62 रुपए की ठगी कर बैंक को आर्थिक क्षति पहुंचाई।
स्वर्ण आभूषण नकली होने के बात सामने आने के बाद बैंक की ओर से जब सम्बन्धित ऋण ग्राहिताओं से सम्पर्क किया तो ऋण ग्राहिता मनोज कुमार पुत्र धमेन्द्र कुमार, रवि कुमार पुत्र लालचंद कुमार, ओमप्रकाश पुत्र लालचंद ने स्वीकार किया कि उन्हें मालूम था कि आभूषण नकली है लेकिन उन्हे पैसों की जरूरत होने के कारण उन्होंने बैंक के अधिकृत वैल्यूअर रविन्द्र सोनी से सम्पर्क किया तो उसने नकली आभूषणों को असली बताने का सर्टिफिकेट देने की बात कही तथा उनसे सर्टिफिकेट प्राप्त करके बैंक से स्वर्ण ऋण प्राप्त किया। इस पर पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज कर फॉरेंसिक जांच करवाई गई वह फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर जांच अधिकारी मदन लाल सैनी की ओर से छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तारी के लिए दबिश देकर आरोपी रवि कुमार व ओमप्रकाश गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। जबकि एक अन्य आरोपी मनोज कुमार को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया है।
ऐसे दिया ठगी को अंजाम
जांच अधिकारी के अनुसार ठगी का मास्टरमाइंड रविन्द्र सोनी है, जो बैंक का वैल्यूअर था। उसने मामले में नामजद अन्य आरोपियों से संपर्क कर स्वयं बैंक का वैल्यूअर होने के कारण संबंधित बैंक से गोल्ड लोन नहीं मिलने का हवाला देकर उनके नाम से नकली सोना गिरवी रख दिया। सोना असली होने की पुष्टी स्वयं मुख्य आरोपी रविन्द्र सोनी ने कर दी। मामले में नामजद अन्य आरोपियों को अलग-अलग दिनांक में आठ गोल्ड लोन स्वीकृत करवा दिए। उनके खाते से पैसे निकलवाकर 25 लाख 26 हजार 1 सौ 62 रुपए की ठगी को अंजाम दे दिया।
ऐसे आया मामला पकड़ में
बैंक के नियमानुसार अप्रैल से जून हर तीन महिने बाद बैंक के अधिकृत वेल्युवर के अलावा दूसरे वेल्युवर से स्वर्ण आभूषणों की पुन: जांच करवाई जाती है। उस क्रॉस जांच में सोना नकली होने की पुष्टी होने पर मैनेजर की ओर से पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया गया था।