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सूरतगढ़ थर्मल की इकाइयां फिर हुई रोशन

सूरतगढ़ थर्मल.

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Suratgarh thermal

सूरतगढ़ थर्मल की इकाइयां फिर हुई रोशन

लम्बे समय से बन्द पड़ी सूरतगढ़ सुपर थर्मल की इकाइयां एक बार फिर रोशन हो गई है।

भार सम्प्रेषण केंद्र जयपुर के निर्देशों से बन्द पड़ी सूरतगढ़ तापीय परियोजना की 250-250 मेगावाट की तीन इकाईयो से गुरुवार को बिजली उत्पादन लिया जा रहा था। वहीं 250 मेगावाट की दूसरी इकाई को गुरुवार शाम चार बजकर 40 मिनट पर लाइट अप किया गया है। इसके देर रात तक सिंक्रोनाइज होने की संभावना है।

नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार भार सम्प्रेषण केंद्र की अनुमति मिलने के बाद बुधवार को लाइटअप की गई 250-250 मेगावाट की तीसरी, पांचवी और छठी इकाईयों में तीसरी इकाई को बुधवार शाम सात बजकर 32 मिनट पर, पांचवी इकाई को गुरुवार सुबह सात बजकर 14 मिनट पर और छठी इकाई को बुधवार मध्यरात्रि 12 बजकर 27 मिनट सिंक्रोनाइज कर बिजली उत्पादन शुरू कर दिया गया। वहीं 250 मेगावाट की पहली इकाई अभी भी बन्द पड़ी है। गुरुवार शाम छह बजे तक परियोजना की तीसरी इकाई से 200 मेगावाट, चौथी इकाई से 206 मेगावाट, पाँचवी इकाई से 215 मेगावाट एवम छठी इकाई से 204 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा था।

नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार 250 मेगावाट की दूसरी इकाई को भी गुरुवार शाम चार बजकर 40 मिनट पर लाइटअप कर दिया गया है। टरबाइन के तीन हजार आरपीएम पर आने के बाद देर रात्रि तक सिंक्रोनाइज होने की संभावना है।

सुरतगढ़ विद्युत उत्पादन मजदूर यूनियन इंटक के अध्यक्ष श्याम सुंदर शर्मा ने सूरतगढ़ तापीय परियोजना को घाटे में लाकर निजी क्षेत्र को लाभ पहुंचाने और थर्मल को जनरेटर की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि बार बार इकाईयो को चालू बंद करने से उपकरणों को तो नुकसान पहुंचता ही है, साथ ही एक इकाई को पुन: चलाने में 40 से 50 लाख रुपये का का खर्च भी आता है।

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