श्रीगंगानगर। शहर की सरकार के तीन साल का कार्यकाल पूरा होने पर राजस्थान पत्रिका से नगर परिषद सभापति करुणा चांडक रूबरू हुई। हर सवाल के स्टीक जवाब देने के लिए सभापति ने कोई संकोच नहीं किया। इस साक्षात्कार के दौरान स्वीकारा कि अपनी शादी के 34 साल के दौरान उन्होंने कभी भी सब्जी खरीदने के लिए कभी घर से बाहर कदम नहीं रखा लेकिन अब शहर हर क्षेत्र में निर्माण कार्य का शिलान्यास हो या लोकापर्ण कार्यक्रम या फिर किसी सामाजिक या धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन हो, वहां हाजिरी लगाने जरूर पहुंचती हूं। अपने परिवार और शहर को चौबीस घंटे समय देने वाली महिला सभापति करुणा चांडक ने ऐसे दिए सवालों के जवाब।
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Q. शहर की सरकार की बागडोर आपके हाथ में है लेकिन फिर भी बदलाव नजर नहीं आया।
चांडक- आयुक्त के पद पर अफसरों को बार बार बदलने का दौर चल रहा है। इसमें राजनीतिक दखलंदाजी हावी रही है। शहर को विकास के मार्ग पर लाने के लिए लंबे समय तक आयुक्त के रूप में अधिकारी भी मिले। लेकिन माहौल ऐसा बनाया जा रहा है ताकि अफसर नहीं आए। इसका खमियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है।
Q. तीन साल के कार्यकाल में सबसे बडी उपलिब्ध क्या रही।
चांडक- सभापति बनने पर शहर की सफाई व्यवस्था को चुनौती के रूप में लिया। कोरोनाकाल के बावजूद मुख्य नाले की डिसिल्टिँग कराने में सफल रहे। शहर में हर नाली और नाली को साफ कराने के लिए बजट की कमी नहीं आने दी।
Q. बरसात के दौरान पानी निकासी की समस्या आपके वार्ड सहित पूरे शहर में रहती है, इससे कब छुटकारा मिलेगा।
चांडक : जल निकासी योजना पर किसी भी जनप्रतिनिधि या जिला प्रशासन ने एक्शन नहीं लिया। पुराने ढर्रे पर पानी निकासी की व्यवस्था होती रही लेकिन स्थायी समाधान के लिए डीपीआर तक नहीं बनवाई गई। अब इस दिशा में सकारात्मक कार्य करेंगे।
Q. करीब पौने सात करोड़ रुपए से निर्माण कार्य हुए हैं, इसके बावजूद सड़कों की हालत उतनी नहीं सुधरी जितनी उम्मीद थी। ऐसा क्यों।
चांडक- नगर परिषद की ओर से कराए गए निर्माण कार्यो में कमी नहीं है। लेकिन आरयूआईडीपी की ओर से ठेका कंपनी एलएंडटी ने सीवर और पेयजल पाइप लाइन बिछाने के नाम पर सड़कों की खुदाई कर पुन:र्निर्माण के नाम पर खानापूर्ति की। बरसात आई तो अधिकांश सड़कें धंसी। इससे नगर परिषद की छवि धूमिल हुई।
Q. विपक्षी और कई पार्षद नगर परिषद बोर्ड में भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं, ऐसा क्यों।
चांडक- यह सही है कि कई प्रकरणों में अनियमितताएं अधिकारियों और कार्मिकों से हुई है, इस संबंध में हमने तो खुद जांच कराने के लिए कलक्टर और सीएम को लिखित में अवगत कराया लेकिन जांच नहीं की। अब निष्प्क्ष् जांच की जाए तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।
Q. ऐसा कोई काम जिसकी उम्मीद आपने की, लेकिन अब तक नहीं हो पाया।
चांडक : शहर में खासतौर पर कार रखने का चलन बढ़ा है। ब्लॉक एरिया, सेतिया कॉलोनी, पुरानी आबादी आदि इलाकों में लोग अपने घरों के आगे कार खड़ी करते है। दोनों छोर पर कार खड़ी करने से अस्थायी अतिक्रमण हो गए, इससे ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ने लगी है। यहां तक कि कार खड़ी होने की वजह सफाई भी नहीं हो पाती। इस संबंध में चारदीवारी को तोड़कर वाहन घर के दायरे में खड़ी कराने के काम को अभियान के रूप में चलाने के लिए प्रयास किए, लेकिन लोगों का सहयोग नहीं मिला।
Q. एकल खिड़की खोली बंद कर दी और शपथ के दौरान श्रमदान का संकल्प लिया नहीं हो पाया, वजह क्या रही।
चांडक- जनहित के लिए नगर परिषद में एकल खिड़की खोली गई लेकिन तत्कालीन आयुक्त सचिन यादव ने नियम कायदों की आड़ लेकर बंद करवा दी। यह सही है कि मैंने सभापति पद ज्वाइनिंग के दौरान एक माह में एक दिन श्रमदान की शपथ ली थी। लेकिन कोरोनाकाल के कारण इस संकल्प को पूरा नहीं करवा पाई। अब यह संकल्प पूरा किया जाएगा।
Q. नंदीशाला की जगह श्वानशाला खोली गई और अब फिर नंदीशाला खोल दी गई, ऐसा क्यों।
चांडक- आवारा पशुओं की धरपकड़ कर नंदीशाला खोली गई। आवारा श्वानों की नसबंदी कराने के लिए वहां यह व्यवस्था की गई। जिला प्रशासन के निर्देश पर श्वानशाला को बंद कर वहां फिर से नंदीशाला संचालित कराई है। पशुओं के आने का सिलसिला ग्रामीण इलाके से हो रहा है, इस पर लगाम लगाने के लिए जिला प्रशासन को सहयोग करने की जरुरत है।
Q. विपक्ष बार बार आप पर निर्माण कार्यो में भेदभाव का आरोप लगा रहा है।
चांडक- विपक्ष का काम है आरोप लगाना और हमारा काम है बिना भेदभाव हर वार्ड में काम करवाना। पहले बीस बीस लाख रुपए के निर्माण कार्य करवाए और अब पच्चीस पच्चीस लाख रुपए से विकास कार्य करवा रहे हैं। हर वार्ड को एक समान बजट दिया गया है।
Q. ऐसी क्या वजह रही कि नगर परिषद अन्य विभागों की तुलना में साफ छवि नहीं बना पाई।
चांडक- शहर के 65 वार्डों में विकास कार्य, सफाई और प्रकाश व्यवस्था नगर परिषद कर रही है। जो काम करवाएगा उस पर आरोप तो लगेंगे। स्कूल की बिल्डिंग, कोरोनाकाल में जरुरतमंदों को भोजन, सफाई कार्मिकों को मास्क, दस्ताने और सैनेटाइजर वितरण जैसे कार्य कराने के दौरान मानवता भलाई के काम किए न कि सुर्खियां पाने को।
Q. ऐसा क्या हो ताकि हमारा शहर प्रदेश में टॉप पर आए।
चांडक- जनता का सहयोग जरूरी है। अतिक्रमण और सफाई में जनता का सहयोग के बिना नगर परिषद कोई नहीं कर सकती। सफाई कार्मिक सफाई करेंगे लेकिन उसकी सार-संभाल करना जनता के हाथ में है। इलाके के पार्षद, जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन सहयोग करें तो हमारा शहर प्रदेश में टॉप रैंक में आ सकता है।
Q. क्या यह भी वजह रही है कि चांडक परिवार पिछले आठ सालों में नगर परिषद में लगातार काबिज है।
चांडक- यह जनता के स्नेह और आशीर्वाद है जो हमारे परिवार को नगर परिषद में सभापति तक पहुंचाया। काम और उम्मीदों में कोई फर्क नहीं रखा। इस वजह से लोगों ने विश्वास किया है। उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास किया जा रहा है।