
ठग ऑनलाइन ठगी के लिए अपना रहे नित नए तरीके, लोग सावधान रहें
श्रीगंगानगर. साइबर ठग लोगों से ठगी के लिए आएदिन कोई ना कोई नया पैंतरा ले आते हैं। जिसमें बैंक का खाता बंद करने, सरकारी योजनाओं में राशि खातों में डालने सहित अन्य तरीके अपना रहे हैं। थोड़ी से लापरवाही से लोग उनके फैलाए जाल में फंस जाते हैं और लाखों रुपए गंवा देते हैं। ऐसे में लोग को जागरुकता सावधान बरतनी होगी। जिससे उनके साथ ठगी की घटना नहीं हो सके।
साइबर क्राइम से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन ठगी करने वाले शातिर दूर कहीं बैठकर लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए नए नए तरीके अपना रहे हैं। फोन करके लोगों को उनके खाते बंद होने, खाते में राशि डालने, योजनाओं की राशि उनके खाते में पहुंचाने आदि का झांसा देकर ठगी कर रहे हैं। लोगों को उनके क्रेडिट कार्ड बंद करने या चालू करने का भी झांसा दे रहे हैं।
दूर संचार कंपनियां भेज रही अलर्ट मैसेज
- मोबाइल कंपनियों की ओर से भी मोबाइल पर आएदिन मैसेज भेजे जा रहे हैं कि सिम 5 जी में अपडेट के लिए किसी भी कॉल पर विश्वास नहीं करें। कंपनियों की ओर से ऐसा कोई कॉल नहीं किया जाता है। वहीं बैंकों की ओर से भी ऐसे ही मैसेज भेजे जा रहे हैं कि बैंक किसी के खाते की जानकारी के लिए कॉल नहीं करता है। इसलिए किसी भी तरह के कॉल पर विश्वास नहीं करें और अपनी बैंक शाखा में जाकर संपर्क करें।
श्रम विभाग के अधिकारी- कर्मचारी बनकर कर रहे कॉल
- श्रम विभाग की योजनाओं के नाम पर ठगी करने के मामले सामने आ रहे है। इसकों लेकर श्रम विभाग सतर्क हुआ है। श्रम विभाग के उपश्रम आयुक्त मनोज कुमार ने बताया कि विभाग का कार्मिक बनकर फोन बात कर रहे है।
फोन पे, पेटीएम जेसे डिजिटल एप पर अवैध भुगतान की अनुचित मांग की जा रही है। ठग उपश्रम आयुक्त, बीओसीडब्ल्यू/एलडीएमएस आदि का नाम लेकर आने वाले कॉल के झांसे में न आएं। सरकारी योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की राशि का लेन-देन न करें।
टॉपिक एक्सपर्ट..
- ऑनलाइन ठगी करने वाले शातिर व्यक्ति लोगों से ठगी करने के लिए नए- नए तरीके अपना रहे हैं। लोगों को बैंक खाता बंद होने, खाता चालू करने, क्रेडिट कार्ड चालू करने या बंद करने तथा सरकारी योजनाओं में मिलने वाली राशि उनके खातों में डालने, बिजली का कनेक्शन कटने आदि झांसा दे रहे हैं।
ठग भुगतान के लिए लोगों को कोई एप डाउनलोड करने की बात कहते हैं। व्यक्ति की ओर से एप डाउनलोड कर लिया जाता है, उसको पूरा एक्सेस ठगी करने वाले के पास चल जाता है। इसके बाद ठग किसी खाते में कुछ रुपए ट्रांसफर कराते हैं। इसके बाद उनको पासवर्ड व पिन भी पता चल जाता है। इसके बाद खुद ही राशि को खाते से ट्रांसफर कर ठगी कर लेते हैं।
ठग लोगों को अपने झांसे में लेकर उसने ओटीपी नंबर आदि भी पूछ लेते हैं। नंबर बताते ही व्यक्ति ठगों के जाल में फंस जाता है। ओटीपी नंबर जाते ही ठग उसके खाते से राशि ट्रांसफर कर लेते हैं। ऐसे में अनजान नंबरों से आने वाले कॉल को नहीं उठाएं। यदि कॉल उठा लिया है, तो कॉलर को अपने बैंक खाते व व्यक्तिगत कोई जानकारी नहीं दें। - प्रशांत कौशिक, कार्यवाहक डीएसपी साइबर थाना श्रीगंगानगर
Published on:
25 Aug 2023 11:26 am
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