
टमाटर: रंग ही अच्छा, स्वाद कहां
-हाइब्रिड बीज के चलते मूल स्वाद गायब
-किसानों ने बदले खेती के तौर-तरीके
योगेश तिवाड़ी. श्रीगंगानगर. शादी-ब्याह का आयोजन हो या कोई पार्टी, यदि खाने के समय सलाद में टमाटर नहीं हो तो सब अधूरा लगता है। घरों में भी यदि किचन में टमाटर नहीं हो तो अन्य सब्जियां भी अधूरी सी लगती है। इसी आवश्यकता को सब्जी उत्पादकों ने जमकर भुनाया है। सीजन नहीं होने के बावजूद हाइब्रिड टमाटर का उत्पादन लेकर वे जमकर मुनाफा कमा रहे हैं। हालांकि श्रीगंगानगर की जलवायु इसके अनुकूल नहीं होने के कारण यहां के किसान चाहकर भी एेसा नहीं कर पा रहे।
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मोटा छिलका, स्वाद गायब
इन दिनों बाजार में आ रहा टमाटर ५० से ६० रुपए प्रति किलो मिल रहा है। करीब डेढ़ माह से भाव ५० रुपए प्रति किलो से ऊपर है। इतना महंगा टमाटर खरीदने के बावजूद ग्राहक को टमाटर खाकर संतुष्टि नहीं मिलती। कारण यह है कि इसमें मूल स्वाद गायब है।
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यहां के वातावरण में हाइब्रिड टमाटर संभव नहीं
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार श्रीगंगानगर के फल सब्जी उत्पादक किसान भी हाइब्रिड टमाटर का उत्पादन लेना चाहते हैं लेकिन स्थानीय वातावरण में इसका उत्पादन संभव नहीं है। कारण कि चार डिग्री सेल्सियस से कम तापमान में टमाटर की पौध नहीं पनपती जबकि श्रीगंगानगर में सर्दी के मौसम में तापमान शून्य डिग्री तक चला जाता है।
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लोकल टमाटर में होती है अच्छी खटास
श्रीगंगानगर में वातावरण के अनुकूल लोकल टमाटर की पौध जनवरी में तैयार होती है। इसके बाद मार्च के अंतिम सप्ताह तक इसे लगाया जाता है। अप्रेल की शुरुआत के साथ ही उत्पादन शुरू हो जाता है। यही टमाटर अपने मूल गुणों को लिए होता है। जो क्वालिटी में अच्छा होने के साथ-साथ सस्ता भी होता है।
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बैंगलूरु में फसल खराब होने से बढ़े भाव
सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि इस बार बैंगलूरु में फसल खराब होने से टमाटर के भावों में उछाल आया है। दिसम्बर के पहले सप्ताह से चौमूं से टमाटर की आवक शुरू हो चुकी है जिससे भावों में गिरावट शुरू हो गई है। कुछ ही दिनों में भाव और नीचे आ सकते हैं।
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अधिक उत्पादन की चाह में बिगड़ा स्वाद
अधिक उत्पादन की चाह में हमने टमाटर के मूल तत्वों को खराब कर दिया है। बाजार की भारी मांग को भांपते हुए किसान सब्जियों-फलों के हाइब्रिड बीज का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि हाइब्रिड टमाटर का उत्पादन स्थानीय जलवायु में संभव नहीं है।
-रवि मेहरड़ा, कृषि वैज्ञानिक, श्रीगंगानगर
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चौमूं से आवक शुरू, अब गिरेंगे भाव
गुजरात व महाराष्ट्र से टमाटर की सालभर आवक होती है। बैंगलूरु से भी यहां टमाटर पहुंचता है। इस बार बैंगलूरु में फसल खराब होते ही इसके भाव बढ़ गए। अब चौमूं(जयपुर) से आवक शुरू हुई है। जिसका स्वाद भी हाइब्रिड की तुलना में अच्छा है। जल्द ही भावों में और गिरावट आने की संभावना है। लोगों को देसी टमाटर खाने के लिए अभी कुछ महीने इंतजार करना पड़ेगा।
-प्रेम अनुपाणी, थोक सब्जी विक्रेता, श्रीगंगानगर
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एंटी ऑक्सीडेंट है टमाटर, हाइब्रिड हो सकता है हानिकारक
टमाटर में लाइकोपिन(एंटी ऑक्सीडेंट) पाया जाता है। जो स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। चूंंकि हााइब्रिड में जेनेटिक बदलाव किए जाते हैं जिससे एेसी फसल में बीमारियां ज्यादा लगती है। बीमारियों से बचाव के लिए कीटनाशकों का अधिक इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए घातक होता है।
-डॉ.पवन सैनी, फिजिशियन, राजकीय जिला चिकित्सालय, श्रीगंगानगर
Published on:
10 Dec 2021 02:40 am
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