
trucks on strike
-बाजार में पडऩे लगा विपरीत प्रभाव
अनूपगढ़.
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के आह्वान पर जनता ट्रक यूनियन शुरू की गई चक्काजाम हड़ताल तथा धरना गुरुवार को सातवें दिन जारी रही। सरकार के ट्रांसपोर्टर्स की मांगों पर गौर नहीं करने से ट्रक ऑपरेटरों में सरकार के प्रति भारी रोष है। चक्काजाम हड़ताल होने से व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। हड़ताल का असर अब बाजारों में साफ नजर आने लगा है।
हालांकि स्थानीय स्तर पर सब्जी लाने वाहनों को हड़ताल से पूर्णत: मुक्त रखा गया है, लेकिन हड़ताल के कारण ट्रक माल से भरे हुए विभिन्न स्थानों पर खड़े हैं, जिससे सब्जी व्यापारियों को खाली ट्रक उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। इससे पर्याप्त मात्रा में सब्जी नहीं आ रही है। कम आवक से सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। दूसरी तरफ दिहाड़ी मजदूरी करने वाले ट्रक ड्राइवरों पर रोजगार का संकट उत्पन्न होने लगा है।
धरना स्थल पर बैठक
स्थानीय स्तर पर हड़ताल को प्रभावी तथा तेज करने के लिए अम्बेडकर चौक के पास धरना तथा नाका लगा रखा है। अनूपगढ में माल का लादान नाम मात्र मात्रा में होता है, लेकिन दिसावर से आगमन बड़े स्तर पर होता है। इस पूरे इलाके में हड़ताल का प्रभावी असर है। हड़ताल के शुरुआती दौर में कुछ ट्रांसपोट्र्स के ट्रक अनूपगढ़ चौक तक पहुंचे थे, जिन्हें यहां रोक कर समझाइश कर हड़ताल में शामिल किया गया।
इससे यहां अम्बेडकर चौराहे पर वाहनों की लम्बी-लम्बी लाइन लग गई है। अब दिन प्रतिदिन आने वाले वाहनों की संख्या कम हो रही है। गुरुवार को बैठक हुई। इसमें सत्यनारायण डाल, बिन्द्रपाल, छिंदा ङ्क्षसह, बगड़ ङ्क्षसह, नाजम ङ्क्षसह, बलविंद्र ङ्क्षसह, सत्तू, मोहन ङ्क्षसह, सुखविंद्र ङ्क्षसह, चुन्नी लाल, इंद्रजीत, राजू तथा मोहन तायल सब ट्रक ऑपरेटरों ने विचार व्यक्त किए।
Published on:
26 Jul 2018 09:36 pm
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