27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

रिश्वत लेने के जुर्म में पटवारी को दो साल कारावास और दस हजार रुपए जुर्माना

कृषि भूमि की रिपोर्ट बनाने के एवज में रिश्वत लेने के जुर्म में हल्का पटवारी को दो साल कारावास व दस हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया गया है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

श्री गंगानगर

•

image

vikas meel

•

Updated: 25 Sep 2017, 8:54 PM IST

gavel

gavel

श्रीगंगानगर।

कृषि भूमि की रिपोर्ट बनाने के एवज में बारह सौ रुपए की रिश्वत लेने के जुर्म में हल्का पटवारी को दो साल कारावास व दस हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया गया है।यह निर्णय भ्रष्टाचार निवारण मामलों की विशेष कोर्ट ने सोमवार को सुनाया। इस पटवारी को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की श्रीगंगानगर चौकी टीम ने सात साल पहले रिश्वत की राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।

मामले के अनुसार घड़साना क्षेत्र चक 2 बीडी निवासी सतपाल पुत्र हरदीप सिंह वाल्मीकि ने शिकायत की थी। इसमें बतायाकि उसकी मां विद्यादेवी ने नाम से 8 बीघा कृषि भूमि है। इस भूमि पर दी गंगानगर केन्द्रीय सहकारी बैँक रावला मंडी की शाखा से ऋण के लिए आवेदन किया था। तब बैंक अधिकारियेां ने कृषि भूमि के संबंध में रिपोर्ट लाने की बात कही तो उसने हल्का पटवारी और अनूपगढ़ क्षेत्र गांव 70 जीबी निवासी शैद मोहम्मद पुत्र बशीर खान से संपर्क किया तो उसने बारह सौ रुपए की रिश्वत मांगी। उसने गरीब होने की दुहाई दी लेकिन हल्का पटवारी नहीं माना। आखिर उसने यहां श्रीगंगानगर की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरों के सीआई प्रशांत कौशिक को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए शिकायत की। ब्यूरो टीम ने एक जून 2010 को नगरपरिषद के दो कार्मिकों अनिल शर्मा और प्रहलाद महेन्द्रा को गवाह के रूप में साथ लेकर घड़साना बस स्टैण्ड पर पहुंचे। परिवादी सतपाल भी इस टीम के साथ था।

जब सतपाल ने पटवारी को फोन कर रिश्वत की राशि के संबंध में पूछा तो उसने घड़साना बस स्टैण्ड पर ही रुकने की बात कही। जैसे ही पटवारी ने बारह सौ रुपए की रिश्वत राशि अपनी जेब में डाली तो ब्यूरेा टीम ने उसे पकड़ कर हाथ धुलवाए।हाथ धोने पर नोटों पर लगा अदृश्य रंग सामने आ गया। अदालत ने सोमवार को आरोपित तत्कालीन पटवारी शैद मोहम्मद को दोषी मानते हुए दोसालकारावास व दस हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। हालांकि बचाव पक्ष ने इस आरोपित को गलत फंसाने के संबंध में अदालत में तर्क दिए लेकिन इस संबंध में दस्तावेज नहीं थे जिनसे वह दोषमुक्त किया जा सके।

बड़ी खबरें

View All

श्री गंगानगर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग