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SriGanganagar नगर परिषद का यू टर्न: अब बरसाती पानी की होगी निगरानी

U turn of city council: now rain water will be monitored- नगर परिषद ने पन्द्रह सुरक्षा कर्मियों को पार्को और गडढों पर किए तैनात

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SriGanganagar नगर परिषद का यू टर्न: अब बरसाती पानी की होगी निगरानी

SriGanganagar नगर परिषद का यू टर्न: अब बरसाती पानी की होगी निगरानी

श्रीगंगानगर. इंदिरा वाटिका के नौकायन स्थल में भरे बरसाती पानी में नहाते समय दो बच्चों की डूबने की मौत की घटना के बाद नगर परिषद प्रशासन ने अब बरसाती पानी की निगरानी के लिए सुरक्षा गार्ड लगाने का निर्णय किया है। नगर परिषद के आयुक्त और एसडीएम मनोज मीणा की ओर से जारी किए आदेश के अनुसार पार्को और गड्ढा क्षेत्र की चौबीस घंटे निगरानी के लिए नागरिक सुरक्षा के पन्द्रह स्वयं सेवकों को तैनात किया गया है।
इस आदेश में बताया कि इंदिरा वाटिका के अलावा गुरुनानक बस्ती मोटर स्थल, गुरुनानक बस्ती गडढा क्षेत्र, पुरानी आबादी वाल्मीकि मंदिर के पास पानी निकासी के लिए मोटर स्थल, ईदगाह कब्रिस्तान खडढा, नेहरू पार्क, सुखाड़िया सर्किल और रामलीला मैदान, पुरानी आबादी शीतला माता मंदिर खडढा क्षेत्र की निगरानी के लिए तैनात किए जाएंगे। इन पन्द्रह सुरक्षा कर्मियों की उपिस्थति के लिए नगर परिषद के वरिष्ठ सहायक चन्द्रभान नागपाल को अधिकृत किया है। इन सुरक्षा गार्डो का भुगतान नगर परिषद के खजाने से किया जाएगा।

इस नौकायान स्थल पर बरसाती पानी की निकासी समय पर नहीं की गई थी, इस कारण वहां बच्चों ने स्वीमिंग पूल मानकर वहां नहाने लगे। यही हाल केन्द्रीय बस स्टैण्ड के पीछे नेहरू पार्क, सुखाड़िया पार्क और पुरानी आबादी ग्रीन पार्क का है। इन पार्को से पानी निकासी के लिए लोगों ने कई बार नगर परिषद प्रशासन से आग्रह भी किया लेकिन तय समय में ऐसा कदम नहीं उठाया गया इंदिरा वाटिका में दो बच्चों की डूबने से मौत होने के बाद बैकफुट पर आए नगर परिषद प्रशासन ने पार्को से पानी निकासी करवाई। इसके साथ साथ सुरक्षा गार्ड लगाने का निर्णय किया।
इस बीच, नगर परिषद में आए दिन प्रभारियों की उठापटक हो रही है। अब स्वास्थ्य अधिकारी गौतमलाल की बजाय वापस देवेन्द्र प्रताप सिंह को लगा दिया है। पिछले महीने अतिवृष्टि से पहले स्वास्थ अधिकारी देवेन्द्र प्रताप सिंह की बजाय उनके स्थान पर फायर ऑफिसर गौतमलाल को स्वास्थ् अधिकारी बना दिया था। लेकिन चौबीस घंटे पहले एकाएक इस पद पर अधिकारी बदल दिया गया। यहां तक कि सभापति करुणा चांडक ने भी अनज्ञितता जाहिर की।
इधर, नगर परिषद के कई पार्षदों ने जिला प्रशासन की ओर से आयुक्त बदले जाने पर सवाल किया है। इन पार्षदों का कहना था कि जिला प्रशासन ने प्रशासन शहरों के संग अभियान के दूसरे चरण में गति तेज करने के लिए आयुक्त विश्वास गोदारा को हटा दिया था और उपखंड अधिकारी मनोज मीणा को आयुक्त का अतिरिक्त कार्यभार दे दिया। लेकिन करीब पौने दो सौ फाइलों की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद पटटे जारी नहीं हो रहे है। ऐसे में आयुक्त बदलने का निर्णय किस आधार पर लिया गया। इन पार्षदों ने सीएम से भी इस संबंध में ज्ञापन प्रेषित किया है।

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