श्रीगंगानगर. सीवरेज प्रोजेक्ट और चौबीस घंटे पेयजल आपूर्ति के लिए पाइप लाइन डालने का काम कर रही एजेंसी आरयूआईडीपी (राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना) बेलगाम हो गई है। बारिश का मौसम होने के बावजूद यह एजेंसी सीवरेज और पेयजल लाइन बिछाने का काम कर रही है। इसके लिए खोदी जा रही सड़कों पर मिट्टी अच्छी तरह नहीं जमाने से गड्ढे़ बन रहे हैं और बारिश का पानी उनमें समा रहा है। इससे लोगों को आवागमन में तो असुविधा हो ही रही है। वाहन भी इन गड्ढ़ों में फंसकर क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। एजेंसी के लापरवाहीपूर्ण काम पर न तो पार्षद बोल रहे हैं और न ही विधायक। जिला कलक्टर ने बारिश के मौसम में काम बंद करने का कहा, लेकिन एजेंसी के अधिकारी आदेश की परवाह नहीं करते हुए शहर की सड़कों को खोदना जारी रखे हुए है।
शहर में सीवरेज प्रोजेक्ट पर काम 2013 से चल रहा है। जवाहरनगर और इसके आसपास बसी कॉलोनियों में सबसे पहले सीवरेज लाइन बिछाई गई। कई कॉलोनियों में इसे शुरू किया तो सीवरेज का पानी ट्रीटमेंट प्लांट तक जाने की बजाय गलियों में ही भरकर बदबू मारने लगा। यह स्थिति वहां भी बनेगी, जहां अब तक सीवरेज लाइन शुरू नहीं हुई, क्योंकि इस काम में गुणवत्ता का ध्यान ही नहीं रखा गया।बारिश के मौसम में सड़क निर्माण का काम रोक दिया जाता है। इसकी जानकारी आरयूआईडीपी के अधिकारियों को भी होगी। इसके बावजूद सीवरेज और पाइप लाइन बिछाने के लिए शहर की नई नकोर सड़कों को तोड़ा जा रहा है। बारिश के मौसम में सड़कों का निर्माण होगा नहीं तो भारी बरसात होने पर परेशानी जनता को होगी, क्योंकि प्रशासनिक अधिकारियों और विधायक के घर की सड़कें तो चकाचक है।
सीवरेज और पेयजल लाइन बिछा रही कंपनी के कार्य की गुणवत्ता की पोल उन कॉलोनियों और मोहल्लों में चौड़े आ रही है जहां आनन-फानन में यह काम पूरा हो चुका है। मामूली बरसात से सड़कें धंसने लगी है। शिकायत करने पर एजेंसी के कारिंदे धंसी हुई जगह पर पत्थर डाल कर चले जाते हैं। धंसी हुई सड़क में वाहन फंस रहे हैं। अभी शहर में हल्की बारिश हुई है। जिस दिन पिछले साल की तरह भारी बारिश हो गई सीवरेज लाइन के चैंबर मौत के गड्ढ़े साबित होंगे। इनके जरिए बारिश का पानी घरों की नींव में जाकर अच्छे भले मकानों को धराशायी कर सकता है। यह आशंका निर्मूल नहीं, क्योंकि जवाहर नगर सेक्टर छह के नागरिकों ने अप्रैल-मई में हुई बारिश के दौरान चैंबर के ढक्कन उठाए तो उनमें पानी भरा हुआ था। शिक्षक नेता तेजप्रताप यादव ने बताया कि एजेंसी के अधिकारियों को शिकायत के बावजूद कुछ नहीं हुआ।