
ambulance driver hired in anoopgarh
जैतसर. राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन अभियान के अंतर्गत दुर्घटना में गंभीर रुप से घायल हुए नागरिकों, गर्भवती महिलाओं को प्रसूति के लिए समय पर अस्पताल पहुंचाने एवं अन्य अपातकालीन घटना के दौरान आवश्यक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रारंभ की गई एंबूलेंस १०८ सेवा करीब दो महीने बाद अब एक बार फिर से धरातल पर दौड़ पड़ी।
शुक्रवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों की ओर से जारी किये गये दिशा-निर्देशों के बाद शुक्रवार को स्थानीय राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्थ्य केन्द्र पर बंद पड़ी एंबूलेंस में चालक एवं सहयोगी की व्यवस्था की गई। जिसके बाद एंबूलेंस सेवा का लाभ क्षेत्र के ग्रामीणों को एक बार फिर से मिलने लगा।
वहीं एंबूलेंस में चालक एवं सहयोगी की व्यवस्था किये जाने के बाद स्थानीय राजकीय प्रपाथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं उपखण्ड प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है। स्थानीय राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सा प्रभारी डॉ. सुनील अग्रवाल ने बताया कि शुक्रवार को विभागीय अधिकारियों के दिशा-निर्देशों के बाद एंबूलेंस पर एक चालक एवं एक सहयोगी ने कार्य प्रारंभ कर दिया। जिसके बाद से ही एंबूलेंस क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्य में एक बार फिर से सेवाएं दे रही है।
चालक के बिना बंद पड़ी एंबूलेंस के ऑन रोड़ होने के मामले की जांच की मांग- यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को नगर अध्यक्ष गौरव तिवाड़ी के नेतृत्व में उपखण्ड अधिकारी रामरख मीणा से मुलाकात कर स्थानीय राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर उपलब्ध एंबूलेंस १०८ पर चालक एवं सहायक कर्मिक की नियुक्ति करवाने एवं दो महीनों से चालक की कमी के कारण एंबूलेंस के बंद रहने के कारण नागरिकों को हुई परेशानी के मामले की जांच करवाने व दोषियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही करने की मांग की।
उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपने के दौरान कांग्रेस ओबीसी प्रकोष्ठ अध्यक्ष अनिल बिश्नोई, यूथ कांग्रेस के लोकसभा महासचिव संदीप सिडाना एवं नगर महासचिव अनुराग अवस्थी ने कहा कि साहब, एंबूलेंस को कागजों में नहीं सडक़ पर चलाओ। पिछले दो महीनों में एंबूलेंस के बंद होने के कारण न जाने सडक़ दुर्घटनाओं के शिकार हुए कितने ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ी। साथ ही यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चालक के अभाव में बंद पड़ी के कागजों में ऑन रोड़ शो होने के मामले की जांच भी करवाने की मांग की।
Video: जाम से परेशान हर आम
पत्रिका ने उठाया था मामला
स्थानीय राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर उपलब्ध एंबूलेंस १०८ पर चालक नहीं होने के कारण दो महीनों से एंबूलेंस के बंद होने के मामले को राजस्थान पत्रिका ने ५ जनवरी २०१८ के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। मामले की छानबीन करने पर पता चला कि जो एंबूलेंस चालक के अभाव में करीब दो महीनों से बंद पड़ी है, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण संबधित एजेंसी बंद एंबूलेंस को भी कागजों में लगातार दौड़ा रही है।
जिसे राजस्थान पत्रिका ने ५ जनवरी २०१८, शुक्रवार के अंक में सचित्र प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार प्रकाशित होने के बाद हरकत में आये चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन ने त्वरित कार्यवाही करते हुए यहां चालक की व्यवस्था कर एंबूलेंस को एक बार फिर से प्रारंभ करवा दिया। जैतसर पीएचसी पर चालक के अभाव में एंबूलेंस के बंद होने की जानकारी मिलने पर मामले की जांच करवा वहां चालक एवं सहायक की व्यवस्था की गई है। एंबूलेंस के बंद रहने एवं चालक के अनुपस्थित रहने की जांच करवायी जायेगी।
Published on:
05 Jan 2018 04:59 pm
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