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Video: मनमर्जी का डिवाइडर, अनदेखी का शिकार

नगर विकास न्यास ने दस साल पहले एसएसबी रोड से सटे एक सौ फीट रोड पर डिवाइडर का निर्माण करवाया था।
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श्री गंगानगर

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Sonakshi Jain

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Updated: 14 Nov 2017, 3:47 PM IST

यहां के रोड डिवाइडर बने वाहन चालकों के दुश्मन, कराते हैं हादसे

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श्रीगंगानगर। जहां शहर की सीमा समाप्त होती है और वहां से ग्रामीण इलाका की सीमा शुरू हो जाती है, वहां पर नगर विकास न्यास ने दस साल पहले एसएसबी रोड से सटे एक सौ फीट रोड पर डिवाइडर का निर्माण करवाया था। यह डिवाइडर इसलिए बनाया गया ताकि सडक़ के एक छोर पर शहरी सीमा और दूसरे छोर में गांव ३ ई छोटी का एरिया है। नगर विकास न्यास की ओर से बनाए गए इस डिवाइडर के निर्माण में भी मनमर्जी हावी रही। डिवाइडर की चोड़ाई कहीं आठ फीट है तो कहीं तीन से चार फीट की है। यह मार्ग एसएसबी रोड से हनुमानगढ़ रोड तक जुडऩा था लेकिन कई भूखण्डों के मालिकों ने कानूनी अड़चन लगाते हुए यूआईटी की स्कीम को फेल कर दिया।

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इस कारण यह इलाका पिछड़ गया। गांव ३ ई छोटी होने के कारण वहां सौन्दर्यकरण की प्रक्रिया भी थम सी गई है। पशुओं की शरण स्थली बना यह डिवाइडर डिवाइडर की चौडाई अधिक होने के कारण यह पशुओं की शरण स्थली बन गया है। आए दिन सडक़ दुर्घटनाओं में इन आवारा पशुओं के एकाएक हिंसक होना भी एक वजह है। आसपास हरे टाल की दुकानों के कारण डिवाइडर को पशुओं के हरे चारे के रूप में डालने लगे है। न्यास प्रशासन ने कभी भी एेसे दुकानदारों को पाबंद तक नहीं किया है। पशुआें को खुले में छोडने के लिए लोग भी अपनी मनमर्जी करते है।

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कोई जागरूक इन लोगों को रोकता है तो उससे झगड़ते पर उतारू हो जाते है। भूले ग्रीन गंगानगर का नारा इस डिवाइडर पर विभिन्न किस्मों के पौधे लगाने के लिए तत्कालीन न्यास अध्यक्ष सीमा पेड़ीवाल ने ग्रीन गंगानगर का नारा देते हुए पौधारोपण अभियान शुरू किया था। महंगे दामों पर बाहर से पोधे मंगवाए गए, लाखों रुपए का बजट खर्च कर इस एक सौ फीट रोड को ग्रीन गंगानगर बनाने के लिए अनूठा मार्ग का दावा किया गया। लेकिन न्यास प्रशासन ने बजट खपाने के सिवाय कुछ नहीं किया। जिन पौधों को लगाया गया, उनकी सार संभाल नहीं होने के कारण ये दम तोड़ चुके है। डिवाइडर निर्माण में घटिया सामग्री अपनी हकीकत को बयां कर रही है।

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