
SriGanganagar गांव-गांव सिफारिश हावी: काम से इंकार करने पर तत्काल तबादला
श्रीगंगानगर। ग्रामीण क्षेत्रों में केन्द्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को धरातल पर पात्र व्यक्तियों को लाभाविंत करने की प्रक्रिया पर खाली पद अड़चन बन गए है। पूरे जिले में 344 ग्राम पंचायतें हैं, इसमें से 249 ग्राम पंचायतों में ग्राम विकास अधिकारी कार्यरत है जबकि 95 पद रिक्त पड़े है। इन? खाली पदों के ग्राम विकास अधिकारियों का चार्ज अन्य ग्राम विकास अधिकारियों के अधीन है। ऐसे में दो-दो ग्राम पंचायतों का काम भार होने के कारण ग्रामीणों को कई समस्याओं से रूबरू होना पड़ रहा है।
वहीं इन ग्राम विकास अधिकारियों को रटारटाया जवाब मिलता है कि वे दूसरी ग्राम पंचायत में है। इस कारण लोग चक्कर काटने को मजबूर है। जिला मुख्यालय के आसपास ग्रामीण क्षेत्र भी ऐसी समस्याओं से जूझ रहे है। इस वजह से पीएम आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, मनरेगा आदि योजनाओं को धरातल पर क्रियान्वित करने में अड़चन आ रही है।
महियांवाली गांव के ग्रामीणों की माने तो उनके यहां ग्राम विकास अधिकारी भवानी शंकर शर्मा के पास गांव 10 जैड का चार्ज भी है।
इसी प्रकार गांव 9 जैड ग्राम पंचायत में कार्यरत संदीप मोंगा के पास ग्राम पंचायत 4 जैड का अतिरिक्त कार्यभार है। ग्राम पंचायत मनफूलसिंहवाला के रामकुमार स्वामी के पास गांव 8 एचएच का कार्यभार भी, हिन्दुमलकोट ग्राम पंचायत में ताराचंद के पास दुल्लापुर कैरी का भी चार्ज है। वहीं मटीलीराठान ग्राम पंचायत में ग्राम विकास अ??धिकारी ओम निहालिया के पास संगतपुरा गांव की भी जिम्मेदारी दी हुई है।
खाली पदों में सूरतगढ़ और रायसिंहनगर पंचायत समिति क्षेत्र में समस्या अधिक है। जिला परिषद की सूची के अनुसार सूरतगढ़ क्षेत्र में कुल 49 ग्राम पंचायतें है, इसमें 33 ग्राम पंचायतों में ग्राम विकास अधिकारी कार्यरत है जबकि 16 खाली है। वहीं रायसिंहनगर पंचायत समिति क्षेत्र में 47 ग्राम पंचायतों में से 16 ग्राम पंचायतों में ग्राम विकास अधिकारियों के पद रिक्त है। इधर, जिला मुख्यालय के आसपास वाले ग्रामीण क्षेत्र भी अछूता नहीं रहा है। श्रीगंगानगर की कुल 53 में से 12 ग्राम पंचायतों में ग्राम विकास अधिकारियों के पद रिक्त है। इस सूची में सबसे कम सादुलशहर पंचायत समिति में रिक्त पद है। इस समिति क्षेत्र की 27 में से सिर्फ पांच पद ही खाली है।
ग्राम पंचायतों में ग्राम विकास अधिकारियों की अधिक उठापटक होती है। ग्रामीणो की शिकायतों की बजाय विधायक की सिफारिश ग्रामीण एवं पंचायराज विभाग में सर्वोच्च प्राथमिकता पर होती है। विधायक की डिजायर पर तत्काल तबादले किए जा रहे है। जनहित में सरपंच की शिकायत पर सुना नहीं जाता।
यदि किसी ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ संबंधित ग्राम पंचायत में व्यापक अनियमितता है तो उस पर जिला परिषद सीइओ बदलने की अनुशंषा कर सकता है। वहीं रिश्वत मांगने की शिकायत पर एक्शन होने पर तबादला किया जाता है। जिले में दस से अधिक ग्राम विकास अधिकारी ऐसे है जिनको कामकाज के लिहाज से जिला परिषद प्रशासन ने तब्दील कर दिया था लेकिन एप्रोच के कारण सीधे पंचायतराज विभाग से आदेश लेकर वापस उसी ग्राम पंचायत में पूर्ववत पद पर आ गए।
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जिले का गणित
पंचायत समिति पंचायतें कार्यरत रिक्त
श्रीगंगानगर 41 41 12
पदमपुर 36 28 07
श्रीकरणपुर 35 27 08
रायसिंहनगर 47 31 16
अनूपगढ़ 32 21 11
सूरतगढ़ 49 33 16
सादुलशहर 27 22 05
घड़साना 36 24 12
श्रीविजयनगर 29 21 08
कुल योग 344 249 095
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Published on:
08 Jul 2022 11:33 am
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