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कचरा प्लांट विवाद में ग्रामीणों के तेवर बरकरार

Villagers' attitude remains intact in garbage plant dispute- ग्रामीणों की पीड़ा सुनकर कलक्टर ने नगर परिषद को दी नसीहत

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कचरा प्लांट विवाद में ग्रामीणों के तेवर बरकरार

कचरा प्लांट विवाद में ग्रामीणों के तेवर बरकरार

श्रीगंगानगर। चक छह जेड के डंपिंग प्वाइंट में कचरा प्लांट लगाने के विरोध में ग्रामीणों ने नगर परिषद पर प्रदर्शन कर वार्ता का दौर शुरू किया। आयुक्त और सभापति ने इस विवाद को सुलझाने के लिए जिला कलक्टर से हस्तपेक्ष करने का आग्रह किया तो कलक्टर ने इंकार कर दिया। कलक्टर का कहना था कि नगर परिषद प्रशासन खुद निर्णय लेने में सक्षम हैँ। ग्रामीणों की पीड़ा को सुनकर निस्तारण किया जाएं, यह सुनकर ग्रामीणों की संघर्ष समिति ने मौजूदा डपिंग स्टेशन पर कचरा निस्तारण में सहयोग करने की बात कही लेकिन पहले नेतेवाला में कचरा प्लांट शुरू करने की बात कही। ग्रामीणों की ओर से इस प्रतिनिधिमंडल का साफ साफ कहना था कि नगर परिषद बार बार लिखित समझौता होने के बावजूद भी काम नहीं करती। पहले नेतेवाला में प्लांट लगाओ फिर बात करेंगे। इस पर कलक्टर ने नगर परिषद के अधिकारियों को डंपिंग प्वाइंट पर कचरा निस्तारण करने और जहां एनओसी लेकर ठोस कचरा प्लांट लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया हैं, संबंधित क्षेत्र के ग्राम पंचायत से एनओसाी लेकर आओ। कलक्टर के समक्ष हुई वार्ता के दौरान संघर्ष समिति के पदाधिकारियों का कहना था कि नेतेवाला में प्लांट लगाने की सारी प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी लेकिन राज्य प्रदूषण मंडल की ओर से एनओसी अटकी हुई हैं, कलक्टर के माध्यम से वहां पर प्लांट लगाने के लिए एनओासी मिल सकेगी। लेकिन भविष्य में चक 6 जैड पर िस्थत कचरा प्लांट नहीं लगने देंगे। इस वार्ता में नगर परिषद सभापति, कार्यवाहक आयुक्त शिव चौधरी, एक्सईएन महावीर प्रसाद गोदारा, एईएन राजेश अरोड़ा आदि मौजूद थे।
इसबीच ग्रामीणों की संघर्ष समिति के प्रवक्ता राजकुमार सैनी ने बताया कि नगर परिषद में जब समिति से जुड़े ग्रामीणों नत्थूराम सहारण, बलराज सिंह बराड़, अजीतसैनी, गुरचरण सिंह, जगमोहन, जगदीश शर्मा, किशन शर्मा, सुधीर, जगदीश बुडानिया, राजवीर फगोडि़या, साहिल आदि पहुंचे तो वहां सभापति करुणा चांडक और कार्यवाहक आयुक्त शिवा चौधरी की अगुवाई में अधिकारियेां ने वार्ता का दौर शुरू किया। इस दौरान कचरा प्लांट लगाने के संबंध में मशीनों की तकनीक से कचरे का निस्तारण करने बारे में बताया। ग्रामीण अड़ गए कि पहले प्लांट नेतेवाला में लगाने की प्रक्रिया अपनाओ फिर वार्ता करेंगे। इन ग्रामीणों का कहना था कि नेतेवाला में सारी प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, चंद लोगेा के आपत्ति जताने पर वहां प्लांट लगाने में नगर परिषद प्रशासन ने यू टर्न ले लिया। इस दौरान ग्रामीणों को वार्ता से बाहर कर अधिकारियों ने अपने स्तर पर गहन चर्चा की। इसके बाद आयुक्त् की अगुवाई में अधिकारियों और संघर्ष समित के पांच ग्रामीणों ने कलक्टर के साथ वार्ता की।
ग्रामीणों का कहना था कि ठोस कचरा प्लांट लगाने के लिए नेतेवाला में दिल्ली की फर्म एलाइड एनर्जी सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से अनुबंध हुआ था लेकिन राज्य के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर परिषद ने एनओसी नहीं दी। नेतेवाला में बिजली की लाइन डालने के लिए 12 बारह लाख रुपए का बजट भी नगर परिषद खर्च कर चुकी है। वहां जब विरोध हुआ तो नगर परिषद प्रशासन फिर से चक छह जेड में डंपिंग प्वाइंट पर ठोस कचरा प्लांट लगाने की तैयारी कर रहा है। जबकि यहां 6 जैड के लिए ग्राम पंचायत से भी अनुमति नहीं ली गई हैं। सिर्फ अधिकारियों ने जिद़द पकड़ रखी हैं।
इस डंपिंग प्वाइंट को हटाने के लिए हाईकोर्ट ने नगर परिषद से रिपोर्ट तलब की हैँ। अगले महीने यह रिपोर्ट पेश करने के लिए नगर परिषद प्रशासन ने ग्रामीणों से सुलह कराने का प्रयास भी किया लेकिन चुनावी माहौल को देखते हुए यह सुलह होने के आसार कम नजर आ रहे हैँ। इस जगह पर मृत पशुओं को डालने पर हाईकोर्ट ने वर्ष 2014 में स्टे दिया था। हड्डारोड़ी संघर्ष समिति को नगर परिषद के तत्कालीन सभापति और आयुक्त ने 6 जून 2015 को लिखित में समझौता किया था, जिसमें आगामी तीन माह में कचरा प्वाइंट शिफ्ट कर दिया जाएगा लेकिन यह मामला अब तक कागजों में अटका हुआ है। वहीं हाइकोर्ट ने ग्रामीण राजकुमार सैनी की याचिका पर कचरा प्लांट नेतेवाला में लगाने के संबंध में नगर परिषद प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है।
चक 6 जेड में डंपिंग प्वाइंट पर ठोस कचरा प्लांट लगाने के लिए डीएलबी ने गुजरात की ठेका कंपनी पीएच पटेल लिमिटेड को 5 जनवरी 2023 को वर्क ऑर्डर दिया था। यह कंपनी एक लाख 18 हजार क्यूबिक कचरे का निस्तारण करेगी। इसके एवज में सरकार चार करोड़ 68 लाख रुपए का भुगतान करेगी। यह ठेका कंपनी अब प्लांट लगाने के लिए मशीनें लेकर आई हैं। कंपनी के प्रतिनिधि नवीन नेहरा ने दावा किया कि मौजूदा डंपिंग प्वाइंट पर कचरे के ढेर अगले चार महीने में साफ हो जाएंगे।

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