
श्रीगंगानगर.
शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में पानी की गुणवत्ता की जांच करने के लिए अब लोगों को ज्यादा दिन जिला स्तरीय लैब का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। गांव या शहर में किसी भी व्यक्ति की पानी की गुणवत्ता की शिकायत मिलने पर मोबाइल लैब मौके पर जाकर पानी का नमूना लेकर गुणवत्ता की जांच कर तत्काल रिपोर्ट उपलब्ध करवाई जाएगी। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ सहित राज्य के 33 जिलों में पानी की गुणवत्ता की जांच करने के लिए एक-एक मोबाइल लैब आवंटित की गई है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए निविदा प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है और जल्द ही हर जिले में एक-एक मोबाइल लैब आवंटित कर दी जाएगी। वर्तमान में पानी की गुणवत्ता की जांच जिला स्तरीय जांच प्रयोगशाला में ही की जाती है। इसके अलावा ब्लॉक स्तर पर पानी की गुणवत्ता की जांच की कहीं पर भी सुविधा नहीं है। इससे जिला स्तरीय लैब पर पानी की गुणवत्ता की जांच का दबाव कुछ कम हो जाएगा।
हर ब्लॉक में तीन हजार पानी के नमूनों की जांच
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल लैब से पानी की गुणवत्ता की जांच का कार्य राज्य में एक कंपनी को दिया है। कंपनी मोबाइल लैब व तकनीकी स्टाफ आदि की माकूल व्यवस्था करेगी। एक साल में कंपनी को एक ब्लॉक में तीन हजार पानी के नमूनों की जांच करनी होगी। कंपनी को विभाग प्रति नमूना की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही भुगतान करेगा।
गांवों में रॉ वाटर की आपूर्ति
ग्रामीण अंचल में अधिकांश जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की योजनाएं और जनता जल योजना में फिल्टर मीडिया बहुत ज्यादा खराब रहता है। इस कारण ग्रामीणों को वाटरवक्र्स से सीधा रॉ वाटर सप्लाई किया जाता है। दूषित पानी की आपूर्ति को लेकर बार-बार ग्रामीणों की शिकायतें जिला प्रशासन और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को मिलती है।
तत्काल मिलेगी पानी की रिपोर्ट
शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में मौके पर पानी की गुणवत्ता की जांच करने के लिए विभाग एक-एक मोबाइल लैब उपलब्ध करवा रहा है। इस मोबाइल लैब से लोगों को तत्काल मौके पर पानी की गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट मिलेगी।
एसके अग्रवाल, सीनियर कैमिस्ट, प्रभारी मोबाइल जांच लैब,जयपुर।
Published on:
31 Mar 2018 07:54 am
बड़ी खबरें
View Allश्री गंगानगर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
