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सूरतगढ़ ब्रांच की 82 जल योजनाओं में जल संकट–जिला मुख्यालय पर गर्मी बढऩे के साथ पानी की खपत बढ़ी,बदबूदार पानी की सप्लाई

कृष्ण चौहान-आइजीएनपी व भाखड़ा नहर परियोजना की ग्रामीण क्षेत्र की जन योजनाओं में कहीं एक दिन तो कहीं पर दो दिन बाद पानी की सप्लाई

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सूरतगढ़ ब्रांच की 82 जल योजनाओं में जल संकट--जिला मुख्यालय पर गर्मी बढऩे के साथ पानी की खपत बढ़ी,बदबूदार पानी की सप्लाई

सूरतगढ़ ब्रांच की 82 जल योजनाओं में जल संकट--जिला मुख्यालय पर गर्मी बढऩे के साथ पानी की खपत बढ़ी,बदबूदार पानी की सप्लाई

सूरतगढ़ ब्रांच की 82 जल योजनाओं में जल संकट--जिला मुख्यालय पर गर्मी बढऩे के साथ पानी की खपत बढ़ी,बदबूदार पानी की सप्लाई

-आइजीएनपी व भाखड़ा नहर परियोजना की ग्रामीण क्षेत्र की जन योजनाओं में कहीं एक दिन तो कहीं पर दो दिन बाद पानी की सप्लाई
श्रीगंगानगर.गर्मी के मौसम में शहरी व ग्रामीण अंचल में पानी की खपत काफी बढ़ गई है जबकि नहरबंदी के बाद जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग जिला मुख्यालय और इसके आस-पास के डेढ़ दर्जन गांवों की तीन लाख की आबादी के लिए प्रतिदिन 42000 किलो लीटर पानी सप्लाई किया जा रहा है। आइजीएनपी में नहरबंदी 21 मार्च को शुरू हुई जबकि सूरतगढ़ ब्रांच में 7 मार्च 2022 से पानी बंद है। इस कारण इस नहर के अंतर्गत विभाग 82 जल योजनाएं है। इनमें सूरतगढ़,श्रीविजयनगर व जैसतर क्षेत्र की 48,रायसिंहनगर,रामसिंहपुर व अनूपगढ़ क्षेत्र की 34 जल योजनाओं में अब पानी संकट की स्थितियां पैदा हो रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि नहरबंदी से पहले सरहिंद फीडर टूटने से एक सप्ताह तक आइजीएनपी में पानी नहीं आया था।

शहर में आ रहा प्रदूषित पानी
नहरबंदी में पंजाब से गंगकैनाल में आए प्रदूषित व काला और पीलापन लिए हुए पानी का कई जगह भंडारण किया गया था। विभाग अब इसी पानी को फिल्टर करके सप्लाई किया जा रहा है। इस पानी में बदबू आने की शिकायतें विभाग को मिल रही है। जिला प्रशासन की 181 नंबर पर इसको लेकर काफी शिकायतें प्रतिदिन आ रही है।

नहर से भंडारण का पानी किया जा रहा सप्लाई
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिक विभाग ने पंजाब से गंगकैनाल में आए प्रदूषित पानी का भंडारण कालूवाला व नेतेवाला सहित अन्य जगह किया हुआ है। विभाग अब इसी पानी की सप्लाई कर रहा है। पानी प्रदूषित व पीलापन लिए हुए हैं। हालांकि विभाग पानी में बदबू कम करने व साफ करने के लिए कोयला व ब्लीचिंग पाउडर डालकर पानी फिल्टर कर शहर में सप्लाई कर रहा है। एक बार पानी सप्लाई करने के बाद पाइप लाइन में 20 घंटे तक पानी पड़ा रहता है और फिर यही पानी जब लोगों के घरों में सप्लाई होता है तो यह पानी एक बार बदबूमारता है।

विभाग को यह भी मिल रही शिकायतें
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कई बार उपभोक्ता पानी प्रेसर से और टंकी पर चढ़ाने के लिए मोटर का उपयोग करता है। इस दौरान कई बार पाइप लाइन लीकेज या टूट जाती है। यह पानी भी मोटर से पाइप लाइन में आ जाता है और फिर यही पानी लोगों के घरों तक पहुंच जाता है। गर्मी के मौसम में पानी में बदबू आने की शिकायतें ज्यादा मिल रही है।

पानी का हो रहा दुरुपयोग
नहरबंदी में शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में पानी की मांग बढ़ गई है। जबकि दूसरी ओर पीने के पानी का उपयोग मकान निर्माण तथा घरों के आगे छिडक़ाव आदि में काम किया जा रहा है। मुख्य वाटरक्र्स से फिल्टर किए हुए पीने के पानी के नाम पर कुछ टैंकर संचालक पानी आगे बिक्री कर रहे हैं। इस प्रकार की शिकायतें भी आ रही है।

पानी की मांग बढ़ी,सप्लाई कम
आइजीएनपी,भाखड़ा व गंगकैनाल से जुड़ी ग्रामीण क्षेत्र की जन योजनाओं में नहरबंदी के दौरान वर्तमान में गर्मी के मौसम में पानी की खपत बढ़ गई है। साथ ही बिजली कटौती कई जगह जलापूर्ति को प्रभावित कर रही है। पानी की सप्लाई कम मिलने पर ग्रामीणों को परेशानी हो रही है।

फैक्ट फाइल
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जिला मुख्यालय पर जल भंडारण व वितरण का गणित
-शहर में 3 लाख की आबादी को प्रतिदिन पानी सप्लाई-42,000 हजार किलो लीटर

-प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पानी का वितरण-135 लीटर
-आरयूआइडीपी व पीएचईडी का भंडारण क्षमता-12,48,000 किलो लीटर

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आइजीएनपी में नहरबंदी-60 दिन

-नहरबंदी में होगी री-लाइनिंग-67 किमी.
-कब से होगी नहरबंदी-21 मार्च से

गंगकैनाल में स्कीम का गणित
-शहरी क्षेत्र की स्कीम-07

-ग्रामीण क्षेत्र की स्कीम-277
आइजीएनपी में स्कीम का गणित

-शहरी क्षेत्र की स्कीम-02
-ग्रामीण क्षेत्र की स्कीम-309

भाखड़ा क्षेत्र की स्कीम
-शहरी क्षेत्र की स्कीम-01

-ग्रामीण क्षेत्र की स्कीम-65
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गर्मी के मौसम में पानी की खपत बढ़ गई है,लेकिन पानी की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा रहा है। पानी ज्यादा बढ़ाने पर पानी की गुणवत्ता प्रभावित होगी। इसलिए पानी की सप्लाई 42000 किलो लीटर प्रतिदिन सप्लाई किया जा रहा है। प्रदूषित व बदबूदार पानी की शिकायतें मिलने पर इनको भी दुरुस्त करवाया जाता है।
रवि बवेजा,अधिशासी अभियंता,जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग शहर श्रीगंगानगर।

नहरबंदी की वजह से ग्रामीण क्षेत्र में कहीं प्रतिदिन तो कहीं पर एक दिन छोडकऱ पानी सप्लाई किया जा रहा है। गर्मी के कारण पानी की खपत पहले की तुलना में बढ़ गई है।
अशोक जोधा,अधिशासी अभियंता,ग्रामीण,जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग,श्रीगंगानगर।

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