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गंगनहर में 627 क्यूसेक सिंचाई पानी कम हुआ

गंगनहर में सोमवार को सवा छह सौ क्यूसेक सिंचाई पानी कम कर दिया गया। इस कारण इलाके के किसानों की चिंता बढ़ गई है। साथ ही सिंचाई पानी कम होने पर विभिन्न किसान संगठनों ने आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए मंगलवार सुबह 11 बजे गुरुद्वारा सिंह सभा में सुबह जा रही है।

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Jai Narayan Purohit

Jan 23, 2017

Gang canal

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श्रीगंगानगर.

गंगनहर में सोमवार को सवा छह सौ क्यूसेक सिंचाई पानी कम कर दिया गया। इस कारण इलाके के किसानों की चिंता बढ़ गई है। साथ ही सिंचाई पानी कम होने पर विभिन्न किसान संगठनों ने आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए मंगलवार सुबह 11 बजे गुरुद्वारा सिंह सभा में सुबह जा रही है। गंगनहर में सिंचाई पानी कम होने से पर अब इलाके के किसानों को एक माह में दो बारी की जगह एक बारी सिंचाई पानी ही मिल पाएगी। सिंचाई पानी कम मिलने पर हाड़ी की फसल को बचा पानी मुकिश्ल हो जाएगा। बीकानरे कैनाल की खखा हैड पर सोमवार को 1091 क्यूसेक सिंचाई पानी मिल रहा था। हालांकि मंगलवार को खखा हैड पर 1718 क्यूसेक सिंचाई पानी मिल रहा था। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि श्रीगंगानगर के कुछ लोगों ने बीबीएमबी में विभागीय अधिकारियों को शिकायत कर दी थी। इस कारण गंगनहर में बीबीएमबी में तय शेयर से अधिक सिंचाई पानी मिल रहा है। इस पर बीबीएमबी ने हरिके बैराज से गंगनहर में सिंचाई पानी की मात्रा घटा दी है। हालांकि सोमवार शाम को फिरोजपुर फीडर की 45 आरडी पर गंगनहर में1300 क्यूसेक सिंचाई पानी मिल रहा था।

बर्बाद हो जाएगी हाड़ी की फसल

किसान नेता सुभाष सहगल व गंगनहर परियोजना के पूर्व चेयरमैन गुरबलपाल सिंह संधू का कहना है कि 1996 से लेकर अभी तक जनवरी माह में एक हजार क्यूसेक सिंचाई पानी नहीं चला है। श्रीगंगानगर जिले में गेहूं, जौ, चना, सरसों व बागवानी सहित सात लाख 80 हजार एकड़ सिंचित क्षेत्र में सात लाख एकड़ में हाड़ी की फसल की बुवाई की हुई है। समय पर सरसों, चना व जौ की फसल को सिंचाई पानी नहीं मिला तो फसल की गुणवत्ता प्रभावित होगी। साथ ही गेहूं की फसल को द्वितीय सिंचाई पानी दिया जाना जरूरी है।