
जब धरपकड़ में पाई जाने लगी दर्द निवारक गोलियां तो आ गई कार्रवाई की समस्या
श्रीगंगानगर. नशे के खिलाफ चलाए जा रहे धरपकड़ अभियान में जब आरोपियों के पास एनडीपीएस घटक की ट्रॉमाडोल के बजाय सामान्य इलाज की दवाएं मिलने लगी तो कार्रवाई नहीं पाई। जो जिले में धडल्ले से बिक्री की जा रही थी। इसके बाद पुलिस ने इन पर प्रतिबंध लगवाया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में कुछ माह से जब भी कोई नशा बेचने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाती या चोरी, छीना झपटी में आरोपी पकड़े जाते तो उनके पास सामान्य इलाज की दवाएं मिलने लगी। इस पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई भी नहीं हो पा रही थी।
जबकि लोग इसको धडल्ले से नशा करने में इस्तेमाल कर रहे थे। इस पर पुलिस अधिकारियों ने इन दवाओं को लेकर रोक लगाने के लिए औषधि नियंत्रण विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा की। इसके बाद इस संंबंध में जिला कलक्टर को अवगत कराया गया। इस पर जिला कलक्टर ने तीन सॉल्ट की दवाओं की खुले में बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया।
पुलिस ने शुरू कर दी थी निगरानी
- इन तीन दर्द निवारक दवाओं के सॉल्ट पर प्रतिबंध के साथ पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी थी और औषधि नियंत्रण विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर कई दुकानों पर कार्रवाई की गई। जहां दवा आने के बिल तो मिले लेकिन दवा किस को बेची गई, इसकी कोई जानकारी नहीं मिली। इस मामले की पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस के रडार पर है तीनों दवाएं
- पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रतिबंध के बाद ये दवाएं पुलिस के रडार पर है। पुलिस दवा विक्रेता संघों से भी इस संबंध में बैठकें करके इससे अवगत करा चुकी है। इसके अलावा पूर्व नशे की गोलियां बेचने वालों की भी निगरानी की जा रही है। औषधि नियंत्रण विभाग के साथ मिलकर पुलिस कार्रवाई कर रही है।
कार में पकड़े थे तीन हजार कैप्सूल
- सदर थाना पुलिस की ओर से शुक्रवार शाम को चहल चौक से जस्सा सिंह मार्ग को जाने वाले रोड पर एक कार की तलाशी में तीन हजार दर्द निवारक कैप्सूल पकड़े थे। इस संबंध में आरोपी को गिरफ्तार किया था। इसकी गहनता से जांच चल रही है।
इनका कहना है
- पुलिस कार्रवाई के दौरान जब ट्रॉमाडोल के स्थान पर इलाज में काम आने वाली दर्द निवारक गोली व कैप्सूल मिलने पर इसकी पड़ताल की गई। जिसमें पाया गया कि नशेडी भारी संख्या में इन गोलियों से नशा कर रहे हैं और ये गोलियां खुलेआम धड़ल्ले से बिक रही थी। ऐसे में पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर इस पर सख्त कार्रवाई के लिए यह कदम उठाया गया है।
प्रशांत कौशिक, सीओ सिटी श्रीगंगानगर
Published on:
24 Sept 2023 12:41 pm
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