
श्रीगंगानगर.
एसडीएम साब, म्हारी अर्ज सुनो। नैशनल हाइवे बनाने के लिए सरकारी स्कूल को बंद करने की तैयारी की जा रही है, मुआवजा राशि मिली नहीं और दूसरी जगह यह स्कूल अब शिफ्ट नहीं हुआ है तो ऐसे में सबसे ज्यादा खमियाजा उन बच्चों को भुगतना होगा जिन्होंने स्कूल में एडमिशन करवा रखा है। यह कहना था गांव 5 एमएल के जागरुक नागरिकों का। इस गांव के आगे से नेशनल हाइवे का निर्माण हो रहा है लेकिन इस हाइवे को क्रॉस करने के बाद संचालित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय 5 एमएल हाइवे के दायरे में आ गया है।
अधिगृहीत हुए इस स्कूल के एवज में 55 लाख रुपए अधिगृहीत अधिकारी एडीएम प्रशासन सूरतगढ़ ने जारी करने के आदेश भी किए, लेकिन यह राशि स्कूल की एसएमसी के बैंक खाते में नहीं आई है। इस बीच हाइवे निर्माण करने वाली ठेका कंपनी के कर्मचारी स्कूल के मुख्य गेट को बंद करने के लिए जैसे ही दस बारह ट्रैक्टर ट्रॉलियां लेकर आए तो ग्रामीणों ने विरोध करते हुए वापस भेज दिया। इस बीच ग्रामीणों ने स्कूल के बाहर धरना शुरू कर दिया और कई ग्रामीण सोमवार को जिला मुख्यालय पर एसडीएम यशपाल आहुजा के समक्ष स्कूली बच्चों के साथ पहुंचे।
उन्होंने एसडीएम को बताया कि नैशनल हाइवे नेतेवाला बाइपास की भूमि में एक सरकारी स्कूल आने पर नैशनल हाइवे ऑथोरिटी ने अधिगृहीत स्कूल के एवज में मुआवजा राशि देने का दावा किया है, लेकिन अभी तक राशि नहीं मिली है और इससे पहले ही स्कूल गेट पर मिट्टी डालकर बंद किया जा रहा है। इन ग्रामीणों और स्कूल के बच्चों ने यहां कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर रोष व्यक्त किया। इस पर एसडीएम ने आश्वासन दिया कि मुआवजा राशि स्कूल की एसएमसी के बैंक खाते में अंतरित करवाई जाएगी ताकि इस हाइवे से दूर गांव में भूमि खरीदकर वहां स्कूल भवन का निर्माण शुरू करवाया जा सके। प्रदर्शन करने वालों में गांव 5 एमएल के भरतवीर, सुनील नाथ , ओमप्रकाश, आत्माराम, बृजलाल, अर्जुन, मदनलाल, नरेश आदि ग्रामीण मौजूद थे।
Updated on:
20 Feb 2018 07:18 am
Published on:
20 Feb 2018 06:41 am
बड़ी खबरें
View Allश्री गंगानगर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
