8 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

श्री गंगानगर

No video available

श्रीगंगानगर में जहां देखो वहां सड़कों की खुदाई

- वाटर लाइन बिछाने के लिए दीपावली पर बनी सड़कों को खोद डाला

Google source verification

श्रीगंगानगर. शहर में जहां देखों वहां वाटर लाइन बिछाने या पुरानी लाइनों के मिलान के नाम पर सड़कों की खुदाई का दौर चल रहा है। आरयूआइडीपी की ओर से ठेका कंपनी एलएंडटी ने उन सड़कों को खोद डाला जिनके निर्माण दीपावली पर किए गए थे। प्राचीन शिवालय के पास नगर परिषद प्रशासन ने श्रद्धालुओं के बार बार गुहार करने पर नई सीसी रोड बनाई थी लेकिन इस पाइप में आए फाल्ट को ढूंढने के लिए सड़क के बीचों बीच खडढा खोद कर ठेकेदार इसे भूल गए। ऐसे में यहां से आए दिन शिव उपासकों को परेशानी आ रही है। इधर, गौशाला मार्ग पर दाधिची चौक से जी ब्लॉक में िस्थत शहीद भगतसिंह पार्क तक पूरी सीसी रोड का उधेड़ दिया गया है। यह पूरी रोड खोदने से इस मार्ग के दुकानदारों की दुकानदारी प्रभावित हो गई है। यही हाल रामलीला मैदान के तुलसी आचार्य मार्गकी ओर से खुलने वाले गेट का है। इस गेट के सामने वाटर लाइन में आए फाल्ट को ढूंढने के लिए ठेकेदार ने गडढा खोदा और वहां प्लास्टिक का बैरीकेट़स लगाकर छोड़ दिया।
यहां तो पानी रिसाव होने से सड़क धंसी
बल्लूराम गोदारा गर्ल्स कॉलेज के एच ब्लॉक साइड की ओर से जाने वाले मार्ग पर वाटर लाइन में रिसाव आया तो ठेकेदार ने जांच करने की बजाय उसकी खानापूर्ति कर दी। अब यह सड़क धीरे धीरे धंसने लगी है। इधर, जवाहरनगर सैक्टर सात में यूआईटी ने डेढ़ साल पहले हुई घोषणा के अनुरुप सड़क निर्माण कराया। करीब बारह लाख रुपए का बजट भी खर्च किया गया। इस रोड पर थार्मोप्लास्टिक पैंट करने के लिए ठेकेदार ने प्रक्रिया पूरी की तो एलएंडटी कंपनी के इंजीनियरों ने इस मार्ग पर एक स्कूल को दूसरा पानी कनैक्शन देने के लिए झीरी कर पूरी सड़क को तोड़ने का काम किया है। यूआईटी प्रशासन को शिकायत भी की लेकिन न्यास के अधिकारियों ने ठेका कंपनी को नोटिस देने की बजाय चुप्पी साध ली।
यूआइटी और नप अफसर बने मूकदर्शक
शहर में सरेआम सड़कों को फिर से खोदा जा रहा है, लेकिन नगर विकास न्यास और नगर परिषद के जेइएन से लेकर एक्सइएन ने चुप्पी साध रखी है। इन दोनों संस्थाओं के अधिकारियों ने बेवजह से सड़कों को उखाड़ने पर विरोध करने की बजाय मूकदर्शक के रूप मे अपनी भूमिका निभाई है। कलक्टर के समक्ष भी इन अफसरों ने यह तक नहीं बताया है कि चंद माह पहले बनी सड़कों में वाटर लाइन के मिलान या पानी टेस्टिंग के नाम पर हो रही खदाई के संबंध में फील्ड रिपोर्ट नहीं दी है। नगर परिषद और यूआईटी में कनिष्ठ अभियंता काफी है लेकिन अपनी फील्ड रिपोर्ट तक नहीं करते। कई कनिष्ठ अभियंताओं को ऑफिसों में बाबूगिरी के लिए छोड़ रखा है।
अधिकारियों का रटारटाया जवाब
सड़क के पुनर्निर्माण के संबंध में अधिकारियों का रटारटाया जवाब मिल रहा है। नगर परिषद के एक्सईएन मंगतराय सेतिया का कहना है कि सर्दी होने के कारण सड़कों का पेचवर्क नहीं कराया गया, मौसम सामान्य होने के बाद पेचवर्क करवाकर सड़कों की सेहत सुधारेंगे। यही बात यूआईटी एक्सईएन सुरेन्द्र पूनियां ने बोली। पूनियां के अनुसार मौसम सड़क बनाने लायक होगा तब फिर से सड़कों को सुधार करवाएंगे। इधर, आरयूआईडीपी के सहायक अभियंता मनीष बिश्नोई का कहना है कि वाटर लाइन टेस्टिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सड़कों को ठीक करवाएंगे।