
श्रीगंगानगर. जिले में दिसंबर माह की पहली घनी धुंध ने रविवार सुबह अचानक जोरदार दस्तक दी, इससे जनजीवन प्रभावित हो गया। अलसुबह हालात ऐसे रहे कि सड़कों पर विजिबिलिटी बेहद कम हो गई। कई इलाकों में स्ट्रीट लाइट की रोशनी में भी चंद्रमा के अलावा कुछ भी स्पष्ट नजर नहीं आया। रविवार तड़के घनी धुंध से लोगों को रोजमर्रा के कामों में खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। बॉर्डर एरिया में बीएसएफ के जवान सतर्क हो गए है। वहीं लंबी दूरी की बसें भी देरी से आ रही है। सुबह सैर पर निकलने वाले लोग और कामकाज के लिए घरों से निकलने वाले कर्मचारी धुंध के कारण असमंजस में नजर आए। मुख्य मार्गों से लेकर कॉलोनियों की अंदरूनी सड़कों तक हर जगह कोहरे की चादर छाई रही। दृश्यता घटने के चलते वाहन चालकों को दिन में भी हैड लाइट जलाकर वाहन चलाने पड़े। दोपहिया और चौपहिया वाहन चालकों ने बेहद धीमी गति से सफर तय किया। कई जगहों पर वाहन रेंगते नजर आए, जिससे यातायात की रफ्तार पर भी असर पड़ा। इस बीच, धुंध के कारण संभावित हादसों को देखते हुए यातायात पुलिस और परिवहन विभाग अलर्ट मोड में रहा। विभाग की ओर से वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई। अधिकारियों ने कहा कि धुंध के दौरान वाहन की स्पीड नियंत्रित रखें, सुरक्षित दूरी बनाए रखें और अनिवार्य रूप से हैड लाइट का प्रयोग करें। खासतौर पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और भारी वाहनों के चालकों को रिफ्लेक्टर लगाने की सलाह दी गई है, ताकि पीछे से आने वाले वाहन उन्हें समय रहते देख सकें। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तरी भारत से आ रही ठंडी हवाओं और नमी के कारण आगामी दिनों में भी सुबह और रात के समय धुंध का असर बना रह सकता है।
Updated on:
14 Dec 2025 01:05 pm
Published on:
14 Dec 2025 01:05 pm
