दिव्यांग विद्यार्थियों की शिक्षा व स्वास्थ्य के चलते भारतीय पुनर्वास परिषद की बड़ी पहल
कोविड-19 पर विश्व स्वास्थ्य संगठन का प्रशिक्षण, 12 ऑनलाइन पाठ्यक्रम शुरू
दिव्यांग विद्यार्थियों की शिक्षा व स्वास्थ्य के चलते भारतीय पुनर्वास परिषद की बड़ी पहल
स्टोरी ऑफ द डे...पत्रिका एक्सक्लूसिव--कृष्ण चौहान
श्रीगंगानगर. सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने विशेष शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वाले शिक्षकों व पेशेवरों के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से संचालित 12 ऑनलाइन पाठ्यक्रमों को नि:शुल्क शुरूकिया है। गौरतलब है कि इससे पूर्व सीबीएसइ भी सामान्य शिक्षा के लिए कई प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन कर चुका है। इनमें कोराना के प्रभाव, बचाव व शिक्षण को लेकर विशेष शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसका लाभ प्रत्यक्ष रूप से दिव्यांग विद्यार्थियों को दिया जाना है।
इन पाठ्यक्रमों को किया शामिल
दिव्यांगजन विभाग की ओर से डब्ल्यूएचओ के विभिन्न पाठ्यक्रमों में से कोविड-19 मानक सुरक्षा, पीपीइ कीट डाटा संकलन का क्षेत्र, योजना व प्रबंधन, भारतीय सांकेतिक भाषा का प्रयोग, योग्यता आधारित शिक्षा जैसे अलग-अलग विषयों पर 12 पाठ्यक्रमों को सम्मिलित किया है। इसमें सेे रोज एक पाठ्यक्रम किया जाना है। प्रत्येक कोर्स की अवधि 1 घंटे की रखी गई है तथा 50 सीआरई अंक प्राप्त करने के लिए इनमें से 10 कोर्स करना अनिवार्य है।
सतत पुनर्वास शिक्षा का उद्देश्य
विशेष शिक्षा के क्षेत्र में प्रयोग होने वाली विभिन्न तकनीक, संशोधन, नवाचार, पाठ्यक्रम परिवर्तिन आदि का अनवरत ज्ञान और जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से विभिन्न सतत पुनर्वास शिक्षा संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। सेवाप्रदाता व्यक्ति दिव्यांगता के क्षेत्र से जुड़ा रहे। इसी लिए पंजीकरण रिन्युअल करवाने के लिए सीआरई अंक प्रदान करने की व्यवस्था की गई है।
दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान
यहां बता दें कि दिव्यांग विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, शिक्षा या अन्य क्षेत्रों की दिशा में कार्य करने वाले योग्य पेशेवरों को राष्ट्रिय स्तर पर एक केन्द्रिय पुनर्वास पंजिका में पंजीकृत कर यूनिक रजिस्ट्रेशन क्रमांक(सीआरआर) प्रदान किया जाता है। इस अधिनियम के तहत अयोग्य व्यक्ति यदि दिव्यांगता के क्षेत्र में पेशेवर सेवा प्रदान करता है तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्यवाई करने का प्रावधान किया है।
फैक्ट फाइल
दिव्यागंता की श्रेणियां-21
पंजीकृत पेशेवरों की श्रेणियां-16
जिले में कुल संदर्भ कक्ष-9
जिले में राजकीय विद्यालयों में विशेष शिक्षक-52
जिले में सीडब्ल्युएसएन - 4374
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सतत पुनर्वास शिक्षा कार्यक्रमों के अंतर्गत कोविड-19 को देखते हुए भारतीय पुनर्वास परिषद ने डब्ल्यूएचओ के ऑनलाइन पाठ्यक्रमों को शुरू किया है। इसको सीआरई अंकों के लिए दिव्यागंजनों की शिक्षा व स्वास्थ्य से जुड़े कार्मिकों ने 30 जून से पूर्व किया जाना है। ये समस्त पाठ्यक्रम पूर्णतया नि:शुल्क है।
-भूपेश शर्मा, सह समन्वयक, जिला दिव्यागंता प्रकोष्ठ (माध्यमिक शिक्षा) श्रीगंगानगर।