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आंवला नवमी पर पूजा-अर्चना, सुख-समृद्धि की कामना

कई मंदिरों में हुए आयोजन

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आंवला नवमी पर पूजा-अर्चना, सुख-समृद्धि की कामना

श्रीकरणपुर. बड़े हनुमान मंदिर में आंवला नवमी पर पूजा-अर्चना करते श्रद्धालु। -पत्रिका

श्रीकरणपुर. आंवला या अक्षय नवमी के उपलक्ष्य में मंगलवार को विभिन्न मंदिरों व घरों में आंवला फल के साथ विशेष पूजा-अर्चना की गई। बड़े हनुमान मंदिर व श्रीचतुर्स्वरूप धाम दुर्गा मंदिर में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से आंवला फल के साथ मां लक्ष्मी की पूजा की और घर-परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। दुर्गा मंदिर के पुजारी चक्रपाणि शर्मा ने बताया कि ये पर्व देवी लक्ष्मी से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि देवी लक्ष्मी की ओर से आंवले की पूजा करने पर भगवान विष्णु व शिव दोनों ही प्रसन्न हुए। तभी से कार्तिक शुक्ल नवमी पर आंवले की पूजा करने की परंपरा है। इसके अलावा आंवले की पूजा करने का संदेश ये है कि हमें प्रकृति का सम्मान करना चाहिए। तभी हमारा जीवन बचा रहेगा। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद में भी आंवले का महत्व काफी अधिक है। कई बीमारियों में आंवले का उपयोग अलग-अलग रूप में किया जाता है। वहीं, धार्मिक मान्यता के मुताबिक आंवला पूजन से घर-परिवार के लोगों को सौभाग्य, अच्छा स्वास्थ्य और लंबी उम्र मिलती है।

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