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उपचार के दौरान युवक की मौत, हॉ​स्पिटल में हंगामा

- दो दिन पहले करणपुर-पदमपुर रोड पर सड़क हादसे में घायल हुए थे पिता-पुत्र

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श्रीगंगानगर. राजकीय जिला चिकित्सालय के सामने अन्न क्षेत्र राम मंदिर के पास प्राइवेट हॉस्पिटल में उपचाराधीन युवक की मौत के उपरांत हंगामा हो गया। परिजनों का आरोप था कि डॉक्टर ने उपचार के दौरान लापरवाही बरती और घायल हो ओवरडोज दे दी। इससे तड़प-तड़प कर युवक ने दम तोड़ दिया। इस हॉस्पिटल में हंगामा मचने पर सदर सीआई सुभाषचन्द्र ढील, जिला चिकित्सालय पुलिस चौकी प्रभारी झाब्बरमल आदि पुलिस जाब्ता पहुंचा। दो दिन पहले 28 मार्च को बाइक सवार पदमपुर की गिल कॉलोनी निवासी 23 वर्षीय करण नायक और उसके पिता मनोहरलाल नायक करणपुर क्षेत्र से वापस लौट रहे थे तब ट्रेक्टर ट्रॉली की टक्कर से घायल हो गए। इन पिता पुत्र को पदमपुर चिकित्सालय से यहां बालाजी हाॅस्पिटल में रैफर कर दिया। युवक करण नायक का ऑपरेशन 29 मार्च को हुआ जबकि उसके पिता का ऑपरेशन रविवार को हुआ है। करण की रविवार शाम को मौत हो गई जबकि उसके पिता अभी उपचाराधीन है।
मां करने लगी विलाप, मेरा बेटे का क्या कसूर था
इस हॉस्पिटल की चौखट पर बैठी करण की मां सुमन देवी विलाप कर रही थी। उसकी सिसकियां चुप्प नहीं हो रही थी। वह बार बार एक ही सवाल कर रही थी कि उसके उसके बेटे का कसूर क्या था। मृतक करण के रिश्तेदार परखाराम ने बताया कि पुलिस को बुलाकर पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया है। जब करण रविवार दोपहर तक ठीक था फिर ओवरडोज देने की वजह क्या हुई। मृतक की रिश्ते में लगनी वाली बहन कविता का कहना था कि पांव और हाथ में फैक्चर था फिर हार्टफेल की वजह बताकर हॉस्पिटल प्रबंधन अपनी गलती को छुपा रहा है। जिस समय उसकी मौत हुई उस समय वहां नर्सिग स्टाफ सिर्फ आश्वासन देता रहा, एक्शन नहीं लिया।
हॉ​स्पिटल संचालक बोले, उपचार में कोताही नहीं
हॉस्पिटल के संचालक डा. विजय आहुजा ने बचाव करते हुए बताया कि इस उपचाराधीन युवक करण नायक का ऑपरेशन करीब तीस घंटे पहले हुआ था, शाम साढ़े तीन बजे तक यह युवक कुशल था लेकिन शाम चार से पांच बजे के बीच एकाएक ह्रदयघात से उसकी मौत हो गई। मृतक के पिता का ऑपरेशन रविवार को किया गया है। इधर, सीआई सुभाषचन्द्र ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से कोई परिवाद अब तक नहीं मिला है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है।
सुलह कराने पहुंचे चिकित्सक और जनप्रतिनिधि
इस हंगामा की सूचना मिलते ही हॉस्पिटल कैम्पस में डा. शैलेन्द्र गोयल, डा. राकेश छाबड़ा, डा. भरतपाल मय्यर के अलावा नगर परिषद के पूर्व सभापति अजय चांडक, निर्तमान पार्षद ओमी मित्तल, बॉबी पहलवान आदि सुलह कराने पहुंचे।

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