30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अलवर: हिस्ट्रीशीटर फिरोज खान के घर पर आखिर चल ही गया बुलडोजर, देखें यहां 

अलवर के हिस्ट्रीशीटर फिरोज खान के घर पर आखिर बुलडोजर चल ही गया। यूआईटी की तरफ से अवैध अतिक्रमण हटाने की समय सीमा समाप्त होने के बाद ये एक्शन लिया गया है।

3 min read
Google source verification

अलवर के हिस्ट्रीशीटर फिरोज खान के घर पर आखिर बुलडोजर चल ही गया। यूआईटी की तरफ से अवैध अतिक्रमण हटाने की समय सीमा समाप्त होने के बाद ये एक्शन लिया गया है। अतिक्रमण को हटाने गए जाब्ते के साथ भारी पुलिस बल मौजूद रहा। पहले बिजली के कनेक्शन काटे गए।


इसके बाद जेसीबी की मदद से अवैध रूप से बने निमार्ण तोड़े गए। इस दौरान एएसपी तेजपाल सिंह, सीओ सिटी नारायण सिंह, कोतवाली, एनईबी व वैशाली नगर थानाधिकारी समेत पुलिस जाब्ता मौजूद रहा।

अतिक्रमण ध्वस्त करने से पहले फिरोज और उसके पड़ोसी मकान की यूआईटी व तहसील की टीम से पैमाइश कराई गई थी। इन मकानों का सरकारी भूमि पर कब्जा मिला। मकान की बाउंड्री वॉल के 10 से 15 फीट अंदर तक अतिक्रमण पाया गया था। मकान के बाहर लिखा गया कि यह जमीन सरकारी है तथा अंदर अतिक्रमण के स्थान तक तीर के निशान लगाए गए थे।

गौरतलब है कि फिरोज मन्नाका ने रामनगर निवासी चक्षु गर्ग को 20 मई को रंगदारी के लिए धमकाया था। एनईबी थाना 22 जून की शाम मन्नाका गांव पहुंची और आरोपी फिरोज को पकड़ लिया।

इसी दौरान उसके परिजन व अन्य ग्रामीणों ने पुलिस दल पर जानलेवा हमला कर दिया और आरोपी को छुड़ाकर भगा दिया। पथराव कर पुलिस की गाड़ी के शीशे फोड़ दिए। जिसके बाद ये पूरा मामला हाइलाइट हो गया।

पुलिस कार्रवाई से धरी रह गई तैयारियां

हिस्ट्रीशीटर फिरोज मन्नाका कई साल से जेल में बंद था। करीब पौने दो महीने पहले वह जमानत पर अलवर जेल से छूटा। जेल से बाहर आते ही वह फिल्मी अंदाज में अपने गिरोह के दर्जनों साथियों को लेकर वाहनों के काफिले के साथ अपने गांव मन्नाका में पहुंचा।

हिस्ट्रीशीटर के इस जुलूस के वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए, लेकिन तब पुलिस नहीं चेती और फिरोज व उसकी गैंग के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।

अब भी सोशल मीडिया पर दे रहे धमकी

फिरोज और उसकी गैंग सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव है। सोशल मीडिया पर फिरोज के कई फॉलोअर्स हैं और उसकी गैंग से जुड़े हुए हैं। उनके द्वारा सोशल मीडिया पर लगातार धमकी भरे पोस्ट डाले जा रहे हैं।

गैंग पर कसा जाएगा शिकंजा

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तेजपाल सिंह का कहना है कि फिरोज के जेल छूटने के बाद उसके जुलूस में कौन-कौन लोग शामिल थे तथा सोशल मीडिया के माध्यम से उसे फॉलो करने वाले और उसकी गैंग में शामिल युवाओं की पहचान की जा रही है। उनके खिलाफ भी प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Story Loader