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‘हिन्दू  ही बनाते हैं नदियो को सबसे ज्यादा गंदा’

वर्तमान मे गंगा नदी मे 144 गंदे नाले उसकी निर्मलता को गंदा कर रहे हंै। उसको रोकने के लिए व्यवहारिक और कानूनी प्रक्रिया जारी है। 

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Jyoti Kumar

Mar 09, 2015

केन्द्रीय जलसंसाधन तथा गंगा पुनरूद्धान मंत्री उमा भारती ने रविवार कहा कि देश के हिन्दुओ का नैतिक दायित्व है कि वह गंगा,यमुना सहित अन्य नदियो के जल को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखें क्योकि ङ्क्षहन्दू समाज के लोग ही त्योहारो पर बड़ी संख्या मे एकत्रित होकर नदियो पर गदंगी का अम्बार लगा देते हैं।

भारती ने यहां पत्रकारों से चर्चा में कहा कि हिन्दू समाज के लोग ही सबसे ज्यादा नदियों को गंदा बनाते हैं इसलिए सरकार के साथ उनका दायित्व बनता है कि नदियों को निर्मल बनाने की दिशा मे काम करें।

उन्होंने कहा कि वर्तमान मे गंगा नदी मे 144 गंदे नाले उसकी निर्मलता को गंदा कर रहे हंै। उसको रोकने के लिए व्यवहारिक और कानूनी प्रक्रिया जारी है।

आगामी दो वर्षो मे गंगा यमुना के प्रथम चरण के काम की प्रगति रिर्पोट प्रस्तुत कर दी जाएगी। उसके बाद वहीं फार्मूला देश की अन्य नदियों पर प्रभावी बनाया जाएगा। एक दिवसीय यात्रा पर अपने गृह नगर आई भारती ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेवारी राज्य सरकारों की है।
उसके बाद समाज और परिवारों का दायित्व है कि महिलाओ की सुरक्षा व संरक्षण के लिए माहौल बनाए और अपनी मानसिकता बदले, जिससे महिलाएं बेखौफ आवाजाही कर सकें।

उन्होंने कहा कि निर्भया कांड के वाद कानून को सख्त बनाया गया है लेकिन कानून से ऊपर सामाजिक माहौल और उसका डर होता है। इस मामले में उन्होंने मध्यप्रदेश की सराहना करते हुए कहा अन्य राज्यों की तुलना मे महिलाओं की सुरक्षा पर यहां ज्यादा ध्यान दिया जाता है।

टीकमगढ़ जिले की लाइफलाइन मानी जाने वाली ककरवाहा पिकअप विअर के निर्माण संबधि प्रश्न पर उन्होंने कहा कि जनहित की यह एक आवश्यक परियोजना है और वह भी इसे स्वीकृत कराना चाहती है, लेकिन जब तक राज्य शासन इस परियोजना को प्रस्तावित करके उनके मंत्रालय को नही भेजेगा तब तक वह असमर्थ हैं।

भारती ने कहा कि बुंदेलखंड की नदियों पर बांध बनाने और प्राचीन चंदेली तालाबों के पुनरूद्धार के लिए राज्य शासन जैसे ही उनके मंत्रालय को प्रस्ताव भेजेगा वह प्राथमिकता से वह प्रस्ताव केन्द्रीय मंत्रिमंडल से स्वीकृत कराने का प्रयास करेंगी।